Bihar News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ देशों में खतरनाक ईबोला वायरस के मामले सामने आने के बाद बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित खतरे से निपटने के लिए राजधानी पटना के पीएमसीएच अस्पताल में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल पूरे बिहार में ईबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर पीएमसीएच में आठ बेड पूरी तरह सुरक्षित कर दिए गए हैं और डॉक्टर अजय अरुण को इस मिशन का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अस्पताल प्रशासन को जरूरी जीवन रक्षक दवाएं, पीपीई किट और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था को हमेशा दुरुस्त रखने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है। सभी सरकारी अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय भेजने के लिए मुस्तैद कर दिया गया है।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार चार-चार बेड के विशेष वार्ड बनाकर उन्हें सुरक्षित कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने भी जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं।
प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर रहेगी कड़ी नजर
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखते हैं, या कोई व्यक्ति ईबोला प्रभावित देशों की यात्रा करके लौटा है, तो उसकी सूचना तत्काल दी जाए। संभावित मरीजों की प्राथमिक देखभाल के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में एक विशेष ऑब्जर्वेशन सेंटर बनाया गया है।
इस ऑब्जर्वेशन सेंटर में संदिग्ध मरीजों को दूसरे लोगों से पूरी तरह अलग रखकर उनकी गहन चिकित्सा जांच की जाएगी। इसके अलावा डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जानिए कितना खतरनाक है ईबोला और क्या हैं इसके लक्षण
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ईबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी, मल या किसी भी अन्य शारीरिक द्रव (बॉडी फ्लूइड) के सीधे संपर्क में आने से बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है।
इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आने पर मरीज को तेज बुखार, शरीर में अत्यधिक कमजोरी, तेज सिरदर्द और गले में असहनीय दर्द होने लगता है। इसके बाद उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो जाती है, और स्थिति गंभीर होने पर मरीज के शरीर के अंगों से आंतरिक रक्तस्राव भी होने लगता है।
नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, बस किसी भी संदिग्ध लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।
Author: Amit Yadav

