Delhi News: भागदौड़ भरी जिंदगी में वॉशिंग मशीन कामकाजी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह कपड़ों को आसानी से साफ कर हमारे समय और मेहनत दोनों को बचाती है। लेकिन अक्सर लोग समय बचाने के चक्कर में मशीन के ड्रम में क्षमता से अधिक कपड़े ठूंस देते हैं।
एक साथ मशीन में जरूरत से ज्यादा कपड़े डालने की यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ आपके महंगे कपड़े खराब होते हैं, बल्कि मशीन का कीमती मोटर भी पूरी तरह ठप हो सकता है। ओवरलोडिंग के कारण मशीन के अंदरूनी पार्ट्स बहुत जल्दी घिस जाते हैं।
नोएडा की सुहानी की इस बड़ी गलती से सीखें सबक
नोएडा एक्सटेंशन में रहने वाली कामकाजी महिला सुहानी अक्सर वीकेंड पर पूरे हफ्ते के गंदे कपड़े एक साथ साफ करती थीं। काम जल्दी खत्म करने के लिए वह हमेशा मशीन में ज्यादा कपड़े डाल देती थीं। लेकिन एक दिन अचानक उनकी वॉशिंग मशीन बहुत तेज आवाज के साथ भयानक रूप से हिलने लगी।
जब मशीन को ठीक करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया, तो उसने बताया कि लगातार ओवरलोडिंग की वजह से मशीन का पूरा सस्पेंशन सिस्टम टूट चुका है। मैकेनिक ने साफ चेतावनी दी कि क्षमता से अधिक वजन डालने पर मोटर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे मशीन असमय दम तोड़ देती है।
ओवरलोडिंग से मशीन और कपड़ों को होते हैं ये बड़े नुकसान
जब वॉशिंग मशीन में तय सीमा से अधिक कपड़े भरे जाते हैं, तो ड्रम के अंदर पानी और डिटर्जेंट का बहाव पूरी तरह रुक जाता है। कपड़ों को ठीक से घूमने के लिए जगह नहीं मिल पाती है। इस वजह से कपड़ों के हर हिस्से तक साबुन नहीं पहुंचता और वे गंदे ही रह जाते हैं।
अधिक वजन के कारण स्पिन साइकिल के दौरान मशीन का संतुलन बिगड़ जाता है और वह उछलने लगती है। कपड़े आपस में बुरी तरह उलझकर फट भी सकते हैं। इसके अलावा कई बार सुरक्षा तंत्र (Safety Mechanism) एक्टिव होने के कारण मशीन बीच में ही अचानक बिना चेतावनी के बंद हो जाती है।
इन गड़बड़ियों को न करें नजरअंदाज, तुरंत पहचानें ये संकेत
अगर आपकी वॉशिंग मशीन कपड़े सुखाते समय बहुत तेज कंपन कर रही है या घिसटने जैसी आवाजें निकाल रही है, तो समझ जाएं कि वह ओवरलोड है। कपड़े धुलने के बाद भी अगर उन पर सफेद झाग या डिटर्जेंट के दाग दिख रहे हैं, तो यह भी एक बड़ा संकेत है।
इसके अलावा कपड़े धोने में सामान्य से बहुत अधिक समय लगना और ड्रम से गंदा पानी ठीक से बाहर न निकलना भी ओवरलोडिंग के लक्षण हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमेशा मशीन के ड्रम को सिर्फ दो-तिहाई हिस्से तक ही भरें और कपड़ों को घूमने के लिए पर्याप्त जगह दें।
भारी भरकम कंबल, चादर या कर्टन्स जैसी बड़ी चीजों को हमेशा मशीन में अकेले ही धोना चाहिए। कपड़ों को हमेशा उनके वजन और फैब्रिक के हिसाब से अलग-अलग बैच में धोएं। मशीन खरीदने के दौरान मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए यूजर मैनुअल में लिखी वजन सीमा का हमेशा कड़ाई से पालन करें।
Author: Karuna Sen

