भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए बंगाल सरकार का बड़ा एक्शन, बीएसएफ को सौंपी 142 एकड़ से ज्यादा जमीन

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीमा चौकियों और कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन सौंप दी है। सरकार के इस कड़े फैसले से सीमा पार घुसपैठियों में खौफ पैदा हो गया है।

कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने तेज किया काम

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह बड़ी पहल की गई है। सरकार इसके तहत बीएसएफ की चौकियों और बाड़बंदी के निर्माण कार्य को अत्यधिक तेज गति से पूरा करना चाहती है।

राज्य की नवगठित भाजपा सरकार ने 12 मई को अपनी पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की थी। इसमें 45 दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा परियोजनाओं के लिए सीमा सुरक्षा बल को 600 एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। मौजूदा समय में उसी फैसले के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई चल रही है।

इस बड़े अभियान के पहले चरण में 20 मई को पांच जिलों से खरीदी गई 43 एकड़ जमीन सौंपी गई थी। इसके साथ ही 31.9 एकड़ निहित भूमि के आधिकारिक स्वीकृति आदेश भी सैन्य अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। सरकार बिना किसी देरी के इस पूरे प्रोजेक्ट को समय सीमा के अंदर पूरा करना चाहती है।

खुली सीमाओं को बंद करने के लिए बनाई दोहरी रणनीति

मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने का संकल्प लिया था। उन्होंने इसके लिए एक विशेष दोहरी रणनीति की घोषणा की थी। इस योजना में तेजी से बाड़बंदी करने और प्रशासनिक स्तर पर जीरो टॉलरेंस के तहत कड़े कदम उठाने की बात कही गई थी।

पश्चिम बंगाल की भारत-बांग्लादेश सीमा करीब 2217 किलोमीटर लंबी है, जो देश के अन्य सभी राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री के आंकड़ों के अनुसार, इसमें से लगभग 1600 किलोमीटर क्षेत्र में पहले ही बाड़बंदी हो चुकी है। जबकि करीब 600 किलोमीटर का संवेदनशील हिस्सा अब भी खुला हुआ है।

खुले हुए हिस्सों के कारण असामाजिक तत्वों और तस्करों को अवैध गतिविधियों का मौका मिल जाता था। सरकार अब इसी संवेदनशील रूट को पूरी तरह सील करने की तैयारी में है। नई जमीन मिलने के बाद बीएसएफ आधुनिक निगरानी उपकरण और मजबूत कंटीले तारों का जाल बिछाने का काम तुरंत शुरू कर देगी।

Author: Sourav Banerjee

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