Health News: गर्भावस्था के दौरान चटपटे और मसालेदार खाने की तीव्र इच्छा होना सामान्य है। हालांकि, डॉ. पद्मा श्रीवास्तव का मानना है कि चाट, गोलगप्पे और पकौड़े जैसी चीजें खाने को लेकर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सड़क किनारे मिलने वाला अस्वच्छ खाना फूड पॉइजनिंग, पीलिया और हेपेटाइटिस ए जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
क्यों है प्रेग्नेंसी में स्ट्रीट फूड से परहेज जरूरी?
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) पहले से ही संवेदनशील होती है। सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में उपयोग होने वाला पानी, चटनी और खुले हुए मसाले अक्सर दूषित हो सकते हैं। इनसे बैक्टीरिया, वायरस या परजीवियों का संक्रमण होने का खतरा बना रहता है, जो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

अस्वच्छ भोजन के गंभीर परिणाम
गोलगप्पे या अन्य स्ट्रीट फूड के कारण दस्त, उल्टी और टाइफाइड जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार पेट खराब होने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, जो प्रेगनेंसी में जटिलताएं पैदा कर सकता है। वहीं, पकौड़े जैसे तले-भुने स्नैक्स में अत्यधिक तेल और अनहेल्दी फैट होता है, जो एसिडिटी, अपच, कब्ज और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं को आमंत्रण देता है।

सुरक्षित विकल्प: ‘घर का बना’ ही है सबसे बेस्ट
डॉ. पद्मा श्रीवास्तव की स्पष्ट सलाह है कि क्रेविंग्स को शांत करने के लिए स्ट्रीट फूड के बजाय घर पर बने साफ-सुथरे और सुरक्षित स्नैक्स को प्राथमिकता दें। घर पर आप ताजी सामग्री का उपयोग कर सकती हैं और स्वच्छता का पूरा ध्यान रख सकती हैं। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है, बल्कि बच्चे के बेहतर शारीरिक विकास में भी मदद करता है।

यदि आपको बार-बार चटपटी चीजें खाने का मन करता है, तो आप घर पर ही कम तेल में बने स्वस्थ विकल्प जैसे—भुना हुआ मखाना, घर की बनी ताजी चटनी के साथ स्नैक्स या फल ले सकती हैं। हमेशा हल्का, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें। याद रखें, प्रेग्नेंसी का समय आपके और आपके होने वाले शिशु के स्वास्थ्य का है, इसलिए हमेशा सावधानी और गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।
Author: Asha Thakur

