Kerala News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास समेत 12 ठिकानों पर एक साथ बड़ी छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में की जा रही है। इस अचानक हुई रेड से राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।
केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी से जुड़े सीएमआरएल मामले में ईडी की जांच को रद्द करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। अदालत से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद ही जांच एजेंसी ने यह सख्त कदम उठाया है। इसके तहत कोच्चि स्थित सीएमआरएल कंपनी के कार्यालय पर भी तगड़ी छापेमारी चल रही है।
बेटी वीणा विजयन की कंपनी पर गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नामक निजी खनिज कंपनी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस कंपनी ने साल 2012-13 से 2018-19 के दौरान ट्रांसपोर्टेशन और स्लज हैंडलिंग के नाम पर लगभग 133.82 करोड़ रुपये का भारी फर्जी खर्च दिखाया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी पैसे का अवैध रूप से इस्तेमाल हुआ।
जांच के मुताबिक इस मोटी रकम को नकद निकालकर बड़े राजनेताओं, राजनीतिक दलों, मीडिया घरानों और कुछ रसूखदार सरकारी अधिकारियों तक अवैध रूप से पहुंचाया गया था। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन और उनकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।
बिना सेवा दिए वसूले करोड़ों रुपये
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी। आरोप के मुताबिक सीएमआरएल कंपनी ने साल 2017 और 2018 के दौरान वीणा विजयन की फर्म को करीब 1.72 करोड़ रुपये का संदिग्ध भुगतान किया था। इस भुगतान के बदले उनकी कंपनी ने कोई भी सॉफ्टवेयर या व्यावसायिक सेवा प्रदान नहीं की थी।
कागजों पर इस मोटी रकम को सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सर्विस के नाम पर हेरफेर करके दिखाया गया था। साल 2019 में आयकर विभाग ने जब इस कंपनी पर छापा मारा, तब इस बड़े घोटाले की परतें खुलीं। बाद में इनकम टैक्स सेटलमेंट बोर्ड ने भी वीणा विजयन की कंपनी को किए गए इस भुगतान को पूरी तरह अवैध माना था।
हाईकोर्ट से झटका लगते ही बढ़ी मुश्किलें
केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 में इस पूरे मामले की कमान एसएफआईओ को सौंपी थी। एसएफआईओ ने कंपनीज एक्ट की धारा 447 के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया, जो पीएमएलए के तहत एक शेड्यूल्ड ऑफेंस है। हाल ही में केरल हाई कोर्ट ने सीएमआरएल के अधिकारियों की तरफ से दायर राहत याचिका को भी सिरे से खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि ईडी को इस मामले में समन जारी करने और पूरी गहन जांच करने का कानूनी अधिकार है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि टैक्स सेटलमेंट से मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोई राहत नहीं मिल सकती है। अब इस छापेमारी के बाद आने वाले दिनों में कई बड़े दिग्गजों से लंबी पूछताछ होना पूरी तरह तय माना जा रहा है।
Author: Nikhil Nair

