Health News: भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना एक बड़ी चुनौती है। सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पीने का सही तरीका जानना भी जरूरी है। आयुर्वेदाचार्य उमंग के अनुसार, गलत तरीके से पानी पीने से न तो प्यास बुझती है और न ही शरीर की गर्मी शांत होती है।
1. फ्रिज का ठंडा पानी पीना
ज्यादातर लोग फ्रिज का बेहद ठंडा पानी सीधे पी लेते हैं। यह पानी गले को तो राहत देता है, लेकिन पाचन अग्नि को कमजोर कर देता है। शरीर को इस ठंडे पानी को अपने तापमान के अनुकूल ढालने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। सादा या मटके का पानी ही शरीर को बेहतर हाइड्रेट करता है।
2. सिर्फ सादा पानी पीना
पसीने के साथ शरीर से सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं, जिसकी भरपाई सिर्फ सादा पानी नहीं कर सकता। आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी में नारियल पानी, छाछ, मट्ठा और गुलकंद वाला पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स के रूप में काम करते हैं। ये शरीर को तुरंत ताजगी और ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होते हैं।
3. एक बार में ढेर सारा पानी पीना
प्यास बुझाने के लिए एक बार में बहुत सारा पानी गटकना गलत आदत है। ऐसा करने से पानी सेल्स तक नहीं पहुंच पाता और किडनी पर बेवजह दबाव पड़ता है। इससे ब्लड में सोडियम का स्तर कम हो सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। हमेशा थोड़ा-थोड़ा पानी अंतराल पर पीना ही सबसे सही रहता है।
4. कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा का सेवन
गर्मी में कोल्ड ड्रिंक्स या पैकेज्ड लिक्विड पीना सेहत के लिए हानिकारक है। इनमें मौजूद उच्च मात्रा में शुगर को प्रोसेस करने के लिए शरीर के सेल्स को और पानी की जरूरत पड़ती है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है। ये ड्रिंक्स शरीर में टॉक्सिंस पैदा करते हैं और पाचन को खराब कर देते हैं, इसलिए इनसे हमेशा दूरी बनाए रखें।
प्यास बुझाने के लिए क्या है बेहतर?
गर्मी की तपिश से बचने के लिए आप मिट्टी के घड़े के पानी का सेवन करें। इसके अलावा सत्तू ड्रिंक, ताजी छाछ, नींबू पानी और खस का शरबत बेहतरीन विकल्प हैं। ये प्राकृतिक पेय न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करके आपको लू और डिहाइड्रेशन से भी बचाते हैं।
Author: Asha Thakur


