हिमाचल पंचायत चुनाव में भारी गड़बड़ी, डीसी ने सहायक निर्वाचन अधिकारी को किया सस्पेंड, मची खलबली!

Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के बीच एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। शिमला के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) रजनीश चौहान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

यह कड़ी कार्रवाई रोहड़ू विकास खंड की ग्राम पंचायत दलगांव में चुनाव चिन्हों के आवंटन के दौरान हुई गंभीर धांधली के बाद की गई है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह बांटते समय राज्य निर्वाचन आयोग के तय दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाईं।

क्यों नपे सरकारी बाबू? जानिए पूरी वजह

सस्पेंड किए गए रजनीश चौहान मूल रूप से समरकोट राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में ग्रुप इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात हैं। उन्हें 6 मई 2026 को दलगांव पंचायत के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें 15 मई को चुनाव चिन्ह आवंटित करने थे।

जांच में पता चला कि चुनाव चिन्हों का वितरण हिंदी वर्णमाला क्रम के अनुसार नहीं किया गया। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम-42 के तहत तय प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। इस बड़ी लापरवाही को जिला प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया में गंभीर प्रक्रियागत त्रुटि माना है।

कड़ी प्रशासनिक धाराओं के तहत गिरी गाज

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-K, सीसीएस नियमों और पंचायती राज अधिनियम की धारा 160 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निलंबन आदेश जारी किया है। इसके दूरगामी परिणाम होंगे।

निलंबन अवधि के दौरान रजनीश चौहान का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रोहड़ू तय किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

सरकारी गाड़ियां न देने वाले विभागों पर भी होगा एक्शन

जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव ड्यूटी के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध न कराने वाले विभागों को भी सख्त चेतावनी दी है। कई सरकारी विभाग आदेश के बावजूद गाड़ियां नहीं भेज रहे हैं। अब ऐसे लापरवाह विभागों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पंचायती राज अधिनियम के तहत चुनाव कार्य को अति आवश्यक सरकारी काम का दर्जा प्राप्त है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को अपने वाहन और चालक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होते हैं। स्वतंत्र चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन इस समय बेहद सख्त रुख अख्तियार किए हुए है।

Author: Harikarishan Sharma

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