Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश के अगले ही दिन स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनियमितता बरतने वाले एक सौ चालीस और अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर इन अस्पतालों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उन्हें योजना के पैनल से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा।
इससे पहले शासन ने पिछले दिनों सौ अस्पतालों को पैनल से निलंबित कर दिया था, जबकि इतनी ही संख्या में अन्य अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों का भुगतान भी रोक दिया गया था। जांच के दौरान कई अस्पतालों में मरीजों और तैनात डॉक्टरों को लेकर बेहद भ्रामक और गलत सूचनाएं सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पाई गई थीं।
योजना से जुड़े सभी निजी अस्पतालों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित पैंतीस मानकों को पूरा करना पूरी तरह अनिवार्य है। इन कड़े मानकों में अस्पताल का वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता और हेल्थकेयर प्रोफेशनल आईडी पंजीकरण सहित कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
डॉक्टरों की फर्जी डिग्री के इस्तेमाल पर भी होगी कार्रवाई
राज्य में डॉक्टरों की डिग्री अथवा उनके विवरण के अनुचित और अवैध उपयोग की लगातार मिल रही शिकायतों पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। साचीज की सीइओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश के पंचानवे प्रतिशत से अधिक अस्पताल सफलतापूर्वक नए एचइएम पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं।
बार-बार निर्देश जारी होने के बावजूद बड़ी संख्या में अस्पतालों ने अनिवार्य मानक पूरे नहीं किए, जिसके कारण यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। सरकार अब डिफॉल्टर अस्पतालों को बाहर का रास्ता दिखा रही है। इसके साथ ही जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए नए और पारदर्शी अस्पतालों को जोड़ने की कवायद भी शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के बेहतर सुविधाओं वाले प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की एक नई सूची मांगी है। इस सूची के आधार पर योग्य अस्पतालों को पैनल में शामिल किया जाएगा। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के कुल 6,420 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के पैनल से जुड़े हुए हैं।
Author: Ajay Mishra

