Thyroid Signs in Women: महिलाओं में बांझपन की वजह बन सकता है थायराइड? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Health Tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में बहुत धीरे-धीरे पनपती है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना काफी मुश्किल होता है, जिससे महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं।

थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले हॉर्मोन्स हमारे शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को नियंत्रित करते हैं। जब इन हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका सीधा असर महिलाओं के एनर्जी लेवल, पीरियड्स और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह समस्या महिलाओं की रीप्रोडक्टिव हेल्थ को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या थायराइड की वजह से मां बनने में परेशानी आ सकती है? सही जानकारी के अभाव में कई बार यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इसलिए इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना और सही इलाज शुरू करना बेहद जरूरी हो जाता है।

क्या थायराइड के कारण गर्भधारण में आती है दिक्कत?

आरएमएल हॉस्पिटल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, थायराइड हॉर्मोन सीधे तौर पर महिलाओं के पीरियड्स और ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) से जुड़ा होता है। जब शरीर में थायराइड का संतुलन बिगड़ता है, तो पीरियड्स इर्रेगुलर हो जाते हैं। इससे महिलाओं को गर्भधारण करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

हॉर्मोनल असंतुलन बढ़ने के कारण फर्टिलिटी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। अगर इस बीमारी का सही समय पर इलाज न कराया जाए, तो प्रेगनेंसी के दौरान भी कई तरह के रिस्क बढ़ जाते हैं। हालांकि, डॉक्टर की सलाह पर नियमित दवाओं और मॉनिटरिंग की मदद से एक स्वस्थ प्रेगनेंसी मुमकिन है।

महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। अगर आपको लगातार कमजोरी महसूस हो रही हो, या अचानक आपका वजन बहुत ज्यादा बढ़ या घट रहा हो, तो यह थायराइड का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत जांच करानी चाहिए।

इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

अत्यधिक बाल झड़ना, पीरियड्स का समय पर न आना, बार-बार मूड स्विंग्स होना और किसी काम में ध्यान लगाने में परेशानी होना भी थायराइड के मुख्य लक्षण हैं। अगर कोई महिला लंबे समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही है और असफल हो रही है, तो उसे अपनी थायराइड जांच जरूर करानी चाहिए।

थायराइड को नियंत्रित रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप डॉक्टर की बताई हुई दवाएं बिना चूके समय पर लें। इसके साथ ही अपनी डाइट में पोषक तत्वों को शामिल करें। नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज या योग करें और रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें।

तनाव और एंग्जायटी से जितना हो सके दूरी बनाकर रखें, क्योंकि मानसिक तनाव थायराइड के स्तर को और ज्यादा बढ़ा सकता है। डॉक्टर की सलाह के बिना कभी भी अपनी दवाएं खुद से बंद न करें। समय-समय पर डॉक्टर से फॉलोअप लेते रहने से इस बीमारी को पूरी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है।

Author: Asha Thakur

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