भीषण गर्मी में ‘हीट स्ट्रोक’ के ये छुपे हुए संकेत हो सकते हैं जानलेवा, नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी

Health News: देश के कई हिस्सों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में ‘हीट स्ट्रोक’ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आम धारणा के विपरीत, हीट स्ट्रोक हमेशा तेज पसीने से शुरू नहीं होता। कई बार इसके लक्षण इतने सूक्ष्म होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य थकान समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है।

हीट स्ट्रोक के वो संकेत जिन्हें लोग करते हैं नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के तापमान नियंत्रण प्रणाली के विफल होने पर कुछ असामान्य लक्षण दिख सकते हैं:

  • मानसिक भ्रम (Confusion): अचानक चिड़चिड़ापन, भूलने की समस्या या ध्यान केंद्रित न कर पाना मस्तिष्क पर बढ़ते गर्मी के दबाव का पहला संकेत है।
  • मतली और उल्टी: इसे अक्सर फूड पॉइजनिंग समझ लिया जाता है, जबकि यह हीट स्ट्रोक का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
  • गर्मी में ठंड लगना: तापमान नियंत्रण प्रणाली खराब होने पर चिलचिलाती गर्मी में भी ठंड महसूस होना या ‘गीज़बंप्स’ आना एक खतरनाक चेतावनी है।
  • हृदय की गति बढ़ना: खुद को ठंडा रखने के लिए हृदय को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कन तेज हो जाती है।
  • पसीना न आना: निर्जलीकरण (Dehydration) के कारण पसीना आना पूरी तरह बंद हो सकता है, जो स्ट्रोक की स्थिति को दर्शाता है।

घर के अंदर भी है खतरा

कई लोग सोचते हैं कि हीट स्ट्रोक केवल धूप में रहने वालों को होता है। लेकिन खराब वेंटिलेशन, बिजली कटौती, उच्च आर्द्रता (Humidity) और सही हाइड्रेशन की कमी के कारण घर के अंदर भी यह स्थिति पैदा हो सकती है। अकेले रहने वाले बुजुर्ग और बिना एयर कंडीशनिंग वाले कमरों में सोने वाले लोग इस दौरान सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।

इमरजेंसी में क्या कदम उठाएं?

यदि आपको किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए ये उपाय करें:

  1. प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं।
  2. यदि व्यक्ति होश में है, तो उसे धीरे-धीरे ठंडा पानी पिलाएं।
  3. शरीर का तापमान घटाने के लिए गीले कपड़ों, पंखे या बर्फ के पैक का इस्तेमाल करें।
  4. अत्यधिक कपड़े हटा दें ताकि शरीर को हवा मिल सके।
  5. यदि व्यक्ति बेहोश है, भ्रमित है या सांस लेने में दिक्कत है, तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता (Ambulance) बुलाएं।

बचाव का तरीका: भीषण गर्मी के दौरान हाइड्रेटेड रहना, दोपहर की चिलचिलाती धूप में बाहर निकलने से बचना और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनना अनिवार्य है। अपने परिवार के कमजोर सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की नियमित निगरानी करें। इन सूक्ष्म संकेतों को पहचानना न केवल आपकी बल्कि आपके प्रियजनों की जान भी बचा सकता है।

Author: Asha Thakur

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