Puri News: पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की लंबे समय से प्रतीक्षित गिनती और सूचीकरण की प्रक्रिया आज से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। यह महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह निर्धारित एसओपी के अनुसार किया जा रहा है। श्रीमंदिर रत्न भंडार निरीक्षण समिति के अध्यक्ष जस्टिस बिस्वनाथ रथ ने पुष्टि की कि इस प्रक्रिया में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही मंदिर के अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
शुभ मुहूर्त में शुरू हुई प्रक्रिया
सभीअधिकारियों ने परंपरा का पालन करते हुए सुबह लगभग 11:18 बजे मंदिर के अंदर प्रवेश किया। रत्न भंडार निरीक्षण समिति के अध्यक्ष जस्टिस बिस्वनाथ रथ ने कहा, ‘आज गिनती का शुभ मुहूर्त आ गया है। पृथ्वी में जितने भी जगन्नाथ भक्त हैं, सभी की बड़ी इच्छा थी कि यह काम जल्द से जल्द शुरू हो और भगवान की संपत्ति का एक लिखित रिकॉर्ड रहे।’ उन्होंने सभी भक्तों से प्रार्थना करने की अपील की।
दो ग्रुप करेंगे काम, डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा
रत्न भंडार केअंदर दो ग्रुप प्रवेश करेंगे। एक सुपरवाइजरी ग्रुप और एक हैंडलिंग ग्रुप। इनमें जेमोलॉजिस्ट, सोनार, जौहरी, बैंक के अधिकारी, उच्च स्तरीय समिति के सदस्य, मुख्य प्रशासक, कलेक्टर और एसपी शामिल हैं। पूरी प्रक्रिया की डॉक्यूमेंटेशन, डिजिटाइजेशन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा रही है। पूरी जानकारी लिपिबद्ध हो रही है ताकि भविष्य में सब कुछ सुरक्षित रहे।
मंदिर के दर्शन नहीं होंगे प्रभावित
प्रशासन नेस्पष्ट किया है कि इस दौरान मंदिर के नियमित अनुष्ठान और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। हालांकि, भीतर काठ से सार्वजनिक दर्शन फिलहाल प्रतिबंधित रखा गया है। श्रद्धालु केवल बाहरा कथा से ही दर्शन कर सकेंगे। भक्तों से सहयोग की अपील की गई है।
आभूषणों की गिनती, वजन और पहचान
इस सूचीकरण प्रक्रियाके तहत मंदिर के आभूषणों की गिनती, वजन और पहचान की जा रही है। इसके बाद इनका मिलान साल 1978 के रिकॉर्ड से किया जाएगा। आभूषणों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए दो जेमोलॉजिस्ट भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। प्रत्येक आभूषण की डिजिटल फोटोग्राफी कर दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। चुनर सेवायत डॉक्टर सरत महांति ने बताया कि गिनती के बाद टेबुलेशन की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो गई है। प्रक्रिया के समाप्त होने के बाद सभी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।


