Dhaka News: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी राजनीतिक घमासान और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शेख हसीना सरकार को उखाड़ फेंकने वाले छात्र आंदोलन से जुड़ी नेशनल सिटिजन पार्टी ने अब देश की नई सरकार को खुली धमकी दी है। पार्टी ने साफ कहा है कि हिंसा के मामले में उनसे आगे कोई नहीं निकल सकता।
पूर्व सलाहकार आसिफ महमूद का भड़काऊ बयान
नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रवक्ता आसिफ महमूद शोजीब भुइयां ने यह विवादित बयान दिया है। आसिफ महमूद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में सलाहकार रह चुके हैं। यूनुस के 18 महीने के कार्यकाल में बांग्लादेश की सड़कों पर भारी अराजकता रही थी। इस दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया था।
आंदोलन से उपजी पार्टी चुनाव में हुई पस्त
नेशनल सिटिजन पार्टी का उदय साल 2024 के हिंसक विरोध प्रदर्शनों से हुआ था। इस आंदोलन के बाद देश में अंतरिम सरकार बनी और फिर साल 2026 में आम चुनाव कराए गए। हालांकि इस चुनाव में नेशनल सिटिजन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश की जनता ने तारिक रहमान की बीएनपी को सत्ता सौंपी।
चुनाव हारने के बाद शुरू हुआ खूनी खेल
चुनाव नतीजों के बाद से ही बीएनपी और नेशनल सिटिजन पार्टी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र नेताओं की यह पार्टी अपनी हार पचा नहीं पा रही है। ताजा विवाद झिनाइदाह शहर में नेशनल सिटिजन पार्टी के मुख्य समन्वयक नासिरुद्दीन पटवारी पर अंडा फेंकने के बाद शुरू हुआ।
तारिक रहमान को याद दिलाई शेख हसीना की गलती
आसिफ महमूद ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि वे शेख हसीना जैसी गलती दोहराने से बचें। उन्होंने कहा कि अगर नई सरकार उन पर अपनी नीतियां थोपेगी, तो यह लड़ाई पूरी पीढ़ी के खिलाफ होगी। उन्होंने झिनाइदाह हमले में शामिल बीएनपी समर्थकों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग भी की है।
इस ताजा राजनीतिक टकराव और हिंसक घटनाओं के बाद झिनाइदाह सहित कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बांग्लादेश के लोग अब इस बात से बेहद डरे हुए हैं कि कहीं देश एक बार फिर साल 2024 जैसे खूनी और भयानक दौर में न चला जाए।
Author: Pallavi Sharma

