Patna News: मानसून के आगमन से पहले शहर को भीषण जलजमाव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं। निगम ने जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एक अभूतपूर्व और बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के सभी बड़े नालों की नियमित और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को आधी रात को सड़कों पर उतरकर रात्रिकालीन निरीक्षण करने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने जारी किया बड़ा आदेश, 30 जून तक रोज रात में होगा औचक निरीक्षण
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस संबंध में एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस नए सरकारी आदेश के अनुसार आगामी 30 जून तक प्रतिदिन रात 10 बजे से लेकर देर रात 12 बजे के बीच सभी जिम्मेदार अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों के बड़े नालों का औचक निरीक्षण करेंगे। इस विशेष रात्रिकालीन अभियान के दौरान अधिकारी मुख्य रूप से नालों में जल प्रवाह, गाद की गहराई, जमा कचरे और अन्य किसी भी प्रकार के अवरोधों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
गाद और कचरे से बाधित होती है जलनिकासी, लापरवाही मिलने पर तुरंत एक्शन लेने का निर्देश
नगर निगम प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि मानसून के दौरान मुख्य सड़कों पर होने वाले भारी जलजमाव की सबसे बड़ी वजह बड़े नालों में गाद और कचरे का जमा होना है। इसके कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो जाती है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी नाले में कोई अवरोध या समस्या दिखाई दे, वहां तुरंत सफाई और मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यालय स्तर से होगी पूरी प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग, जीपीएस तस्वीरों से लगेगी हाजिरी
निगम प्रशासन इस बार निरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही रोकने के लिए एक बेहद आधुनिक और पारदर्शी तरीका अपनाया गया है। सभी फील्ड अफसरों को भ्रमण के दौरान अपने स्मार्टफोन से जीपीएस लोकेशन युक्त लाइव तस्वीरें लेनी होंगी। इन तस्वीरों को उन्हें तुरंत नगर निगम के आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप में साझा करना होगा, जिससे उनकी वास्तविक लोकेशन ट्रैक हो सकेगी।
जीपीएस तकनीक से सुनिश्चित होगी अधिकारियों की फील्ड में मौजूदगी, सही तरीके से होगा काम
इस जीपीएस आधारित डिजिटल तकनीक के प्रयोग से निगम मुख्यालय आसानी से यह सुनिश्चित कर सकेगा कि सभी कार्यपालक पदाधिकारी तय समय पर अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद हैं। इसके जरिए यह भी साफ हो जाएगा कि नालों के निरीक्षण का काम सही और पारदर्शी तरीके से जमीन पर किया जा रहा है। नगर निगम का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि इस बार कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर काम को सुचारु बनाने की पूरी कोशिश हो रही है।
साफ किए गए नालों में दोबारा कचरा जमा होने से रोकेगा निगम, माप-अप राउंड से मिलेगी राहत
नगर निगम प्रशासन वर्तमान समय में पूरे शहर के भीतर बड़े स्तर पर नाला उड़ाही का अंतिम माप-अप राउंड चला रहा है। अब इस विशेष रात्रिकालीन निगरानी और औचक निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि पहले से साफ किए जा चुके नालों में दोबारा कचरा, प्लास्टिक और गाद जमा न होने पाए। निगम प्रशासन का दावा है कि यदि मुख्य जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रही तो इस बार मानसून में शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से बड़ी राहत मिल सकेगी।


