Shimla News: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को एक बार फिर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस नए झटके से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ गया है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन की दरों में यह तीसरी बड़ी वृद्धि है।
राजधानी शिमला में 100 रुपये के बिल्कुल करीब पहुंचा पेट्रोल
ताजा बढ़ोतरी के बाद शनिवार को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। इस तेजी के कारण पहाड़ी राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 99.96 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल का दाम भी बढ़कर 91.86 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है।
ईंधन महंगा होने से वाहन चालकों में केंद्र सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। टैक्सी चालकों का कहना है कि तेल लगातार महंगा हो रहा है लेकिन टैक्सियों का किराया नहीं बढ़ा है। इससे उनका रोजाना का खर्च निकालना और परिवार पालना मुश्किल हो गया है।
कीमतें बढ़ने के बाद पेट्रोल पंपों पर उमड़ी गाड़ियों की भीड़
पंप संचालकों के मुताबिक रेट बढ़ने के बावजूद तेल की बिक्री में अचानक काफी तेजी आ गई है। लोग भविष्य में और दाम बढ़ने की आशंका से अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि बाजार में तेल की कोई कमी नहीं है।
वाहन चालकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ियां कम इस्तेमाल करने की अपील को पूरी तरह अव्यावहारिक बताया। लोगों का कहना है कि वे काम पर समय से पहुंचने के लिए मजबूर हैं। वे खचाखच भरी बसों के धक्के खाकर अपनी नौकरी पर लेट नहीं हो सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा
इस बीच हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष पहले यूपीए शासन में कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल था, तब पेट्रोल देश में सिर्फ 55 रुपये लीटर बिकता था।
जगत सिंह नेगी ने दावा किया कि आज भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उसी पुराने स्तर पर हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल 100 रुपये के पार पहुंच गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही हाल रहा तो कीमतें 150 रुपये पार चली जाएंगी।
पर्यटन और सेब सीजन शुरू होने से पहले अर्थव्यवस्था को झटका
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जल्द ही प्रमुख पर्यटन सीजन और सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे नाजुक समय में ईंधन महंगा होने से मालभाड़ा और परिवहन लागत बढ़ेगी। इसका सीधा नुकसान प्रदेश की बागवानी अर्थव्यवस्था और आम पर्यटन व्यवसायियों को उठाना पड़ेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बड़े उद्योगपतियों के प्रभाव से बाहर निकलने की सलाह दी। नेगी ने कहा कि पीएम को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बेहतरीन आर्थिक नीतियों को अपनाना चाहिए। मनमोहन सिंह की नीतियां ही देश की आर्थिक स्थिरता और अखंडता को मजबूत रख सकती हैं।
देश में अघोषित आर्थिक आपातकाल और केंद्रीय एजेंसियों का डर
राजस्व मंत्री ने देश में दो तरह के आपातकाल लागू होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार के खिलाफ बोलने वालों की आजादी छीनी जा रही है। विपक्ष की आवाज दबाने के लिए उनके पीछे ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां लगा दी जाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ देश में अघोषित आर्थिक आपातकाल लगा हुआ है। सरकार लोगों को तेल, गैस और सोना कम खरीदने की नसीहत दे रही है। ‘कॉकरोच’ टिप्पणी विवाद पर उन्होंने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों द्वारा युवाओं के लिए ऐसी भाषा बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
Author: Sunita Gupta

