Delhi News: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक बेहद अहम बैठक की अध्यक्षता की। यह मैराथन बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली। इसमें पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी पेंडिंग कामों को अब युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।
पीएम मोदी ने प्रोग्रेस रिपोर्ट देखकर दिए सख्त निर्देश
यह महत्वपूर्ण बैठक शाम 5 बजे शुरू होकर देर रात तक चलती रही। प्रधानमंत्री ने खुद विभिन्न विभागों की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी। उन्होंने मंत्रियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। काम में ढिलाई किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। मंत्री अपने विभागों की खुद रेगुलर मॉनिटरिंग करें।
इन नौ प्रमुख मंत्रालयों ने दिया अपना प्रजेंटेशन
इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में कृषि, सड़क परिवहन, श्रम, विदेश और ऊर्जा सहित 9 प्रमुख मंत्रालयों ने अपना प्रजेंटेशन दिया। पीएम मोदी ने प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलें दफ्तरों में बेकार न घूमें। मंत्री कम समय में बेहतर काम करें। विकसित भारत 2047 हमारा सबसे बड़ा संकल्प है।
अतीत को भूलकर भविष्य के लिए काम करें मंत्री
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को समय का एहसास कराते हुए आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भले ही 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब 2026 चल रहा है। हमें अतीत के बजाय केवल भविष्य की तरफ देखना चाहिए। पीएम ने मंत्रियों को नसीहत दी कि वे किसी भी फालतू विवाद में न उलझें।
वैश्विक संकट और महंगाई के खतरे के बीच बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता का माहौल है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और मालभाड़ा बढ़ने से महंगाई का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
बदलते हालातों में देश के भीतर आर्थिक अनुशासन जरूरी
केंद्र सरकार ने बदलते वैश्विक हालातों को देखते हुए देश में आर्थिक अनुशासन पर बड़ा जोर दिया है। सरकार ने जनता से ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। साथ ही सोने की खरीद और विदेश यात्राओं पर फिजूलखर्च कम करने को कहा है। यह बैठक संकट से निपटने की दिशा में बड़ा कदम है।
Author: Gaurav Malhotra


