Mumbai News: देश के प्रशासनिक गलियारे से भ्रष्टाचार की दो बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबरें सामने आई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 241 करोड़ रुपये के विशाल भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने बीड जिले के पूर्व जिलाधिकारी और आईएएस अधिकारी अविनाश पाठक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लातूर से हुई आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी
साल 2013 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश पाठक को बीड पुलिस की विशेष जांच टीम ने लातूर से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। राज्य राजस्व विभाग ने उनकी गिरफ्तारी की तारीख से ही निलंबन आदेश को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है।
तबादले के बाद भी जाली दस्तखत से बांटे पैसे
पुलिस जांच में सामने आया कि बीड जिले से ट्रांसफर होने के बाद भी खेल चलता रहा। जालसाजों ने अविनाश पाठक के नाम, पद और जाली हस्ताक्षरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया। इसी फर्जीवाड़े के जरिए जमीन अधिग्रहण के फर्जी मुआवजे की करोड़ों रुपये की मंजूरियां अवैध तरीके से जारी की गईं।
शिवाजीनगर थाने में दस लोगों पर गंभीर केस दर्ज
इस बड़े भूमि घोटाले में पुलिस ने पूर्व जिलाधिकारी पाठक समेत 10 आरोपियों के खिलाफ बीड के शिवाजीनगर थाने में केस दर्ज किया है। जांच टीम फर्जी दस्तावेजों के इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। इस कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है।
असम में भी घूसखोर सरकारी अफसर पर बड़ा एक्शन
भ्रष्टाचार का ऐसा ही एक दूसरा गंभीर मामला असम से भी सामने आया है। वहां सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी निदेशालय ने असम सिविल सेवा के अधिकारी लचित कुमार दास को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी गुवाहाटी में भूमि अभिलेख विभाग के अतिरिक्त निदेशक पद पर तैनात थे।
अफसर के पास से मिली करोड़ों की अकूत संपत्ति
जांच एजेंसी ने भ्रष्ट अधिकारी लचित दास के पास से 1.66 करोड़ रुपये की भारी नकदी बरामद की है। इसके अलावा 86 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और कई निवेश दस्तावेज भी जब्त किए हैं। आरोप है कि उन्होंने जमीन बिक्री की एनओसी देने के बदले मोटी घूस मांगी थी।
Author: Sachin Kulkarni

