Mumbai News: भारतीय रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अपने सर्वकालिक निचले स्तर से शानदार रिकवरी करते हुए 41 पैसे मजबूत हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सकारात्मक रुख के बाद घरेलू निवेशकों की धारणा को बड़ा बल मिला है। विदेशी मुद्रा बाजार में इस बड़े उछाल से कारोबारी काफी उत्साहित हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.25 पर मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान यह 96.45 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले पूरे 41 पैसे की शानदार बढ़त को दर्शाता है।
बुधवार को टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था रुपया
इससे पहले बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.86 के अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। कल के कारोबार के दौरान एक समय रुपया गिरकर 96.95 प्रति डॉलर तक भी पहुंच गया था। इस भारी गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ गई थी।
इस बीच छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दिखाने वाला डॉलर सूचकांक भी बदला है। डॉलर इंडेक्स 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.18 के स्तर पर बना हुआ है। हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारी अंतरराष्ट्रीय बाजार को लेकर अब भी सतर्क हैं।
डोनल्ड ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में आई भारी तेजी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस बड़ी कूटनीतिक हलचल के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता कम हुई है। ट्रंप के इस रुख से भारतीय शेयर बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखी गई।
घरेलू शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.74 अंक उछलकर 75,646.13 अंक पर पहुंच गया। दूसरी तरफ निफ्टी भी 111.75 अंक की मजबूत बढ़त के साथ 23,772.05 अंक पर कारोबार कर रहा है। निवेशकों को आने वाले दिनों में और तेजी की उम्मीद है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों का रुख
वैश्विक बाजार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 105.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 1,597.35 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
भू-राजनीतिक जोखिमों के मद्देनजर बड़े तेल कारोबारी और निवेशक अब भी पश्चिम एशिया के तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। उन्हें डर है कि मध्य पूर्व में टकराव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा बड़ा उछाल आ सकता है। इसलिए बाजार में सावधानी बरती जा रही है।
अरब देशों के अनुरोध पर ट्रंप ने टाले थे ईरान पर हमले
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई है। दोनों शीर्ष नेताओं ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की आगे की रणनीति पर चर्चा की। हालांकि, अमेरिका अब दोबारा सैन्य हमले के बजाय शांति समझौते के पक्ष में है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित प्रमुख अरब देशों के विशेष अनुरोध पर ईरान पर होने वाले हमलों को टाल दिया है। वाशिंगटन का यह सकारात्मक कूटनीतिक कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारतीय मुद्रा के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।
Author: Rajesh Kumar

