Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में शुक्रवार को एक भयावह सड़क हादसा होते-होते टल गया। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक चलती बस का टायर अचानक धमाके के साथ फट गया। उस वक्त बस में दर्जनों यात्री सवार थे जो दुलारा की ओर जा रहे थे। गनीमत रही कि चालक ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने अनियंत्रित होती बस को तुरंत काबू कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई से सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई है।
बीच रास्ते में हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के मुताबिक एचआरटीसी की यह बस चम्बा मुख्य अड्डे से दुलारा के लिए रवाना हुई थी। सफर के दौरान जब बस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक उसका टायर फट गया। धमाके की आवाज सुनते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बस अनियंत्रित होकर एक तरफ झुकने लगी थी। ऐसी स्थिति में अक्सर वाहन खाई में गिर जाते हैं। हालांकि चालक ने स्टयरिंग पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और धैर्य नहीं खोया।
यात्रियों में फैला दहशत का माहौल
टायर फटने के बाद बस के भीतर सवार यात्रियों में जबरदस्त खौफ देखा गया। लोगों को लगा कि बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगी। चालक ने बेहद सावधानी से ब्रेक लगाकर वाहन को सड़क के सुरक्षित किनारे पर खड़ा किया। बस रुकते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस पूरी घटना में किसी को भी कोई शारीरिक चोट नहीं आई है। चालक की इस जांबाजी की अब हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है। यात्रियों ने चालक का आभार जताया है।
एचआरटीसी बसों की खस्ताहाल स्थिति पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि निगम की कई बसें काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। अक्सर बसों के टायर और कलपुर्जे खराब होने की खबरें आती रहती हैं। पहाड़ी रास्तों पर ऐसी तकनीकी खराबी किसी बड़े कत्लेआम का सबब बन सकती है। परिवहन विभाग को समय-समय पर बसों की फिटनेस जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रशासनिक जांच और भविष्य की चेतावनी
फिलहाल इस मामले में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन यह घटना परिवहन विभाग के लिए एक बड़ी चेतावनी है। चम्बा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बसों का सही स्थिति में होना अनिवार्य है। अधिकारियों को चाहिए कि वे ऐसी पुरानी बसों को रूट से हटाएं। यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। बस के टायर फटने की तकनीकी वजहों की भी गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में बचाव हो सके।

