Jammu News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस यात्रा को भारतीय संस्कृति की एकता और आध्यात्मिक धरोहर का एक बड़ा प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले सभी भक्तों की सुखद और सुरक्षित यात्रा की मंगलकामना की.
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से किए पांच महत्वपूर्ण संकल्प
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने यात्रियों के लिए पांच संकल्पों का सुझाव दिया है। उनका पहला संकल्प यात्रा मार्ग पर स्वच्छता के कड़े नियमों का पालन करना है। प्रधानमंत्री ने भक्तों से अपील की है कि वे पूरे रास्ते को साफ और स्वच्छ बनाए रखने में अपना बहुमूल्य योगदान दें.
प्रधानमंत्री का दूसरा संकल्प सभी प्रशासनिक नियमों, ट्रैफिक एडवाइजरी और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना है। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव, बारिश और ठंड के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए.
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल
तीसरे संकल्प के तहत प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल अभियान पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने सभी यात्रियों से अपने कुल बजट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करने को कहा। इससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय युवाओं और गरीब परिवारों की आजीविका को एक नया और मजबूत सहारा मिलेगा.
चौथे संकल्प में प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की बात की है। उन्होंने रक्षाबंधन और यात्रा के समापन के शुभ दिन पर एक पौधा लगाने को कहा। उन्होंने लोगों से एक पेड़ मां के नाम अभियान को गति देने और अपनी बहन या भाई को उपहार में सुंदर पौधा देने का आग्रह किया है.
विकसित भारत के निर्माण के लिए राष्ट्र प्रथम की भावना
पांचवें संकल्प के जरिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों में राष्ट्र प्रथम की भावना को जगाया है। उन्होंने विकसित भारत के बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी नागरिकों से पूरे साल ईमानदारी से अपने कर्तव्यों को निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कामना की कि बाबा बर्फानी सभी को कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ाएं.
हर साल देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु हिमालय की इस पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग की पूजा करने आते हैं। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर तैनात हैं.
इस साल यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतरीन मेडिकल सुविधाएं, आपदा प्रबंधन टीमें और सुगम ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस धार्मिक यात्रा को भारत की राष्ट्रीय अखंडता का एक जीता-जागता उदाहरण माना जाता है। सभी एजेंसियां यात्रियों की भलाई के लिए दिन-रात अपनी बेहतरीन लॉजिस्टिकल सेवाएं प्रदान कर रही हैं.

