Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से जुड़े सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई वाली कैबिनेट सब कमेटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सौंप दी है। अब इस पर आखिरी फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।
इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद आगामी प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट की बैठक में लाया जा सकता है। कमेटी ने पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिक्षकों की यह नई नियुक्ति पूरी तरह से मेरिट के आधार पर ही करने की मजबूत पैरवी की है।
दाखिले बढ़ने से स्कूलों में बढ़ानी होगी कैडर स्ट्रेंथ
कैबिनेट कमेटी ने तर्क दिया कि पहले राज्य के 136 स्कूलों के लिए कैडर स्ट्रेंथ करीब 6200 तय थी। अब राज्य में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 158 हो चुकी है। इनमें से लगभग 151 स्कूल पूरी तरह चालू हैं। नए सत्र में बच्चों के एडमिशन बढ़ने से कैडर स्ट्रेंथ को बढ़ाना पड़ेगा।
कमेटी के मुताबिक कॉम्पिटिटिव एग्जाम (चयन परीक्षा) के माध्यम से आने वाले नए शिक्षकों के बाद भी कई पद खाली रह जाएंगे। हालांकि मेरिट लिस्ट के आधार पर नए चयन होने के बाद भी पुराने कार्यरत शिक्षकों को पूरी तरह नहीं बदला जाएगा। जरूरत के अनुसार कुछ अनुभवी पुराने शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में रखा जा सकता है।
कानूनी विवाद से बचने के लिए मेरिट भर्ती पर जोर
सरकार पर इस समय आंतरिक रूप से यह दबाव भी बना हुआ है कि मेरिट आधारित सिस्टम से कई शिक्षकों को दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में जाना पड़ सकता है। राज्य के कई शिक्षक संगठन इस नीति का खुलकर विरोध कर रहे हैं। वे ट्रांसफर पॉलिसी में थोड़ी ढील देने की मांग उठा रहे हैं।
सब कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों के लिए विशेष रूप से तैयार सब कैडर स्कीम के नियमों के तहत रिक्रूटमेंट नहीं किया गया, तो यह पूरा मामला दोबारा कोर्ट पहुंच सकता है। भविष्य के कानूनी विवादों से बचने के लिए सिर्फ मेरिट को ही आधार बनाना सबसे सही होगा।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि शिक्षा विभाग भर्ती के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रिंसिपलों की काउंसिलिंग पूरी कर उन्हें स्टेशन अलॉट कर दिए गए हैं। अन्य कैटेगरी के शिक्षकों के लिए काउंसिलिंग सेंटर भी तैयार हैं, बस सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

