Mumbai News: टेक जगत से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ओप्पो अपने दो सबसे लोकप्रिय कस्टम स्किन यानी वनप्लस के ‘ऑक्सीजनओएस’ और रीयलमी के ‘रीयलमी यूआई’ को हमेशा के लिए बंद करने की बड़ी तैयारी में है।
संसाधनों की बचत के लिए उठाया जा सकता है यह बड़ा कदम
टेक वेबसाइट स्मार्टप्रिक्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ओप्पो अब अपनी पैरेंट कंपनी के तहत आने वाले सभी स्मार्टफोन ब्रैंड्स के सॉफ्टवेयर का पूरी तरह से एकीकरण करने जा रही है। कंपनी भविष्य में आने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में इन दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम को हटाकर सिर्फ अपना मुख्य ‘कलरओएस’ ही प्री-इंस्टॉल्ड देगी।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, तीन अलग-अलग यूजर इंटरफेस के लिए डेडिकेटेड डेवलपमेंट टीम, अलग टेस्टिंग साइकल और सॉफ्टवेयर अपडेट्स जारी करने में कंपनी का काफी ज्यादा खर्च होता था। अब रिसोर्सेज को बचाने और काम को आसान बनाने के लिए तीनों ब्रैंड्स को एक ही सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के नीचे लाया जा रहा है।
वनप्लस और रीयलमी के वफादार यूजर्स को लगेगा बड़ा झटका
यह बदलाव उन स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ा इमोशनल झटका साबित हो सकता है, जो ऑक्सीजनओएस के क्लीन इंटरफेस और क्लोज-टू-स्टॉक एंड्रॉइड एक्सपीरियंस के दीवाने थे। हालांकि, तकनीकी रूप से देखा जाए तो साल 2021 में ही दोनों कंपनियों ने अपने कोर सोर्स कोड को कलरओएस के साथ मर्ज कर लिया था।
इस बड़े बदलाव के साथ ही ओप्पो अपने बिजनेस को नए सिरे से रीस्ट्रक्चर भी कर रहा है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक वनप्लस अब मुख्य रूप से भारत और चीन के मार्केट पर अपना पूरा फोकस रखेगी, जबकि रीयलमी चीन के घरेलू मार्केट को समेटकर पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट पर ध्यान केंद्रित करेगी।
वर्तमान यूजर्स के मन में यह बड़ा सवाल है कि उनके पुराने फोन्स का क्या होगा। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो स्मार्टफोन पहले से मार्केट में बिक चुके हैं, उन्हें कंपनियों के पुराने वादे के मुताबिक ओटीए अपडेट्स मिलते रहेंगे। हालांकि, आगामी नए स्मार्टफोन्स सीधे नए वर्जन के कलरओएस सॉफ्टवेयर के साथ ही बॉक्स से बाहर आएंगे।

