Himachal Monsoon Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से तबाही, तीन दिन में 11 लोगों की मौत

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत ही बेहद खतरनाक साबित हो रही है। सूबे में पांच दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने आते ही भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हुए हादसों में 11 लोगों की जान जा चुकी है।

लाहौल में पहाड़ी से गिरा पत्थर, बस कंडक्टर की मौत

गुरुवार को लाहौल-स्पीति जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया। वहां पहाड़ी से अचानक गिरे एक बड़े पत्थर की चपेट में आने से एचआरटीसी बस के कंडक्टर ज्ञान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वह मयाड़ घाटी में धोंदल नाला के पास हाथ-मुंह धोने बस से नीचे उतरे थे।

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मृतक ज्ञान सिंह मंडी जिले के लाड़भरोल के रहने वाले थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को तुरंत हरसंभव प्रशासनिक और आर्थिक सहायता देने के सख्त निर्देश दिए हैं।

भूस्खलन के कारण 49 सड़कें और बिजली व्यवस्था ठप

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून के शुरुआती दिनों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन के कारण राज्य में 49 महत्वपूर्ण सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इसके अलावा 42 बिजली ट्रांसफार्मर और 27 पेयजल योजनाएं भी ठप होने से आम जनता परेशान है।

रिपोर्ट के मुताबिक इन तीन दिनों में दो लोगों की सड़क हादसों, चार की पहाड़ी से फिसलने, एक की पानी में बहने और एक की करंट लगने से जान गई है। इसके साथ ही प्रदेश में आठ कच्चे घर और दो पशुशालाएं भी पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जनता को अगले कुछ दिनों तक इस आफत से राहत नहीं मिलने वाली है। विभाग ने 8 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने 6 जुलाई तक कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं दूसरी ओर 7 और 8 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी रहेगा। बीते 24 घंटों में सिरमौर के पांवटा साहिब में सबसे ज्यादा 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कसौली में 86 और धर्मपुर में 83 मिलीमीटर पानी बरसा है। लगातार हो रही इस बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।

किन्नौर में सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने पर कड़छम बांध से पानी की निकासी को काफी बढ़ा दिया गया है। लाहौल में वैकल्पिक मार्ग पर केवल फोर-बाय-फोर गाड़ियों को जाने की इजाजत है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

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