Islamabad News: भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के ऐतिहासिक फैसले पर पड़ोसी देश पाकिस्तान की भारी बौखलाहट एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तान ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया कि भारत पानी को एक सामरिक हथियार मानकर हमारी साझी नदियों पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के मुख्य प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने भारत द्वारा ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को एकतरफा स्थगित करने के कानूनी फैसले से जुड़े एक तीखे सवाल का जवाब देते हुए नई दिल्ली के खिलाफ जमकर जहर उगला।
पाकिस्तान ने भारत के आतंकवाद के आरोपों को किया खारिज
प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि हम सिंधु जल संधि को स्थगित करने के भारत के इस सख्त कदम को पूरी तरह से खारिज करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के वैध नदी जल प्रवाह में अवैध रूप से बाधा डालने के लिए लगातार बेबुनियाद आतंकवाद के आरोपों का सहारा ले रहा है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि भारत सिंधु नदी घाटी के पानी को रोककर उनके देश में गंभीर जल संकट पैदा करना चाहता है। पाकिस्तान इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की गीदड़भभकी दे रहा है क्योंकि इस फैसले से उसकी कृषि व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने लिया था कड़ा फैसला
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में एक बेहद कायरतापूर्ण और बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इस भीषण आतंकी वारदात के तुरंत बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ बेहद कड़े और अभूतपूर्व कदम उठाने का फैसला किया था।
भारत सरकार ने सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त न करने की अपनी नीति के तहत पाकिस्तान के खिलाफ सिंधु जल संधि को तुरंत स्थगित करने सहित कई कड़े आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध लागू कर दिए थे। भारत ने साफ कर दिया है कि आतंक और बातचीत या समझौते एक साथ नहीं चल सकते।

