Health News: आज के समय में गैस, एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या होने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटासिड दवाएं ले लेते हैं। कुछ लोग तो इन दवाओं को महीनों या सालों तक नियमित रूप से खाने लगते हैं, जबकि ऐसा करना सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरूरत से ज्यादा लंबे समय तक एंटासिड का सेवन हमारे शरीर पर कई गंभीर साइड-इफेक्ट्स डाल सकता है। इससे शरीर की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, कई तरह के गंभीर संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है और शरीर में जरूरी विटामिन व मिनरल्स की भारी कमी भी हो सकती है।
जानिए पेट के प्राकृतिक एसिड का कम होना क्यों है खतरनाक
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, एंटासिड और प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स (Proton Pump Inhibitors) जैसी दवाएं जरूरत पड़ने पर सही काम तो करती हैं, लेकिन इन्हें बहुत लंबे समय तक बिना मेडिकल सुपरविजन के लेना सुरक्षित नहीं माना जाता। पेट का एसिड सिर्फ भोजन पचाने का काम नहीं करता, बल्कि यह हानिकारक बैक्टीरिया को भी खत्म करता है।
पेट का एसिड हमारे शरीर में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम तथा विटामिन बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण में भी मदद करता है। जब हम एंटासिड दवा खाते हैं, तो उससे लंबे समय तक प्राकृतिक एसिड का बनना कम हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर की बाकी कार्यप्रणालियां भी बुरी तरह प्रभावित हो जाती हैं।
लंबे समय तक गैस की दवाएं खाने से शरीर को होते हैं ये 5 बड़े नुकसान
1. हड्डियां हो सकती हैं कमजोर: लंबे समय तक एंटासिड लेने से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो जाता है। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और खासकर बुजुर्गों में फ्रैक्चर का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को रोज खाने से बचना चाहिए।
2. संक्रमण का बढ़ता है खतरा: रेगुलर एंटासिड लेने से हमारे पेट का सुरक्षात्मक एसिड कम होने लगता है। इसके कारण बाहर से आने वाले बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव आसानी से पेट में जीवित बच जाते हैं। इससे मरीजों में आंतों और श्वसन तंत्र के गंभीर संक्रमणों का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
3. विटामिन B12 और मैग्नीशियम की कमी: लगातार इन मेडिसिन्स को लेने से शरीर में विटामिन B12 और मैग्नीशियम जैसे तत्वों का बैलेंस बिगड़ जाता है। इन पोषक तत्वों की कमी के कारण मरीज को हर समय कमजोरी, अत्यधिक थकान, हाथ-पैरों में झनझनाहट और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने लगती हैं।
4. किडनी पर पड़ता है बुरा असर: गैस की दवाओं का लगातार और अनियंत्रित सेवन सिर्फ बाहरी नहीं, बल्कि शरीर के अंदरुनी अंगों को भी प्रभावित कर देता है। लंबे समय तक इन दवाओं को खाते रहने से किडनी से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे किडनी में स्टोन या अन्य गंभीर रोग हो सकते हैं।
5. असली बीमारी का पता नहीं लगता: बार-बार एंटासिड लेकर अस्थाई राहत पाने के चक्कर में मरीज की असली और गंभीर बीमारी छिपी रह जाती है। यह लक्षण अल्सर, गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) या पेट के कैंसर के भी हो सकते हैं। लगातार दवा लेने से इन खतरनाक रोगों का समय पर पता नहीं चल पाता।
केस स्टडी: रोज एंटासिड लेने से युवक को हुआ गंभीर एनीमिया
सच्ची घटना के अनुसार, 27 वर्षीय राजेश कुमार पिछले दो सालों से सीने में जलन होने पर रोज खुद से एंटासिड लेते थे। शुरुआत में उन्हें तुरंत राहत मिलती थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी समस्या और गंभीर होती चली गई। जब उन्होंने अस्पताल जाकर पूरी जांच कराई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए।
जांच में पता चला कि उन्हें गंभीर एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो गई थी। शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण रुकने से उनके भीतर विटामिन B12 की भारी कमी हो गई थी और वे एनीमिया (खून की कमी) के शिकार हो चुके थे। हालांकि, डॉक्टर की देखरेख में चले सही उपचार और खानपान में सुधार से अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इन गंभीर लक्षणों के दिखने पर तुरंत गैस्ट्रो एक्सपर्ट से करें संपर्क
अगर किसी व्यक्ति को एक हफ्ते में दो या उससे ज्यादा बार एसिडिटी होती है और बार-बार एंटासिड लेने की जरूरत पड़ती है, तो इसे सामान्य न समझें। इसके अलावा खाना निगलने में परेशानी होना, तेजी से वजन घटना, उल्टी में खून आना या काले रंग का मल आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
एसिडिटी से स्थाई बचाव के लिए दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जीवनशैली में सुधार करें। इसके लिए संतुलित आहार लें, समय पर भोजन करें और फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज करें। सुबह का नाश्ता कभी स्किप न करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शराब व धूम्रपान जैसी हानिकारक आदतों से हमेशा दूरी बनाकर रखें।

