Bihar News: मुजफ्फरपुर के चार दशक पुराने दादर पुल की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुल निर्माण निगम ने इस क्षतिग्रस्त पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाने की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी यानी डीएम से हरी झंडी मिलने के बाद विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए बुधवार को पुल के दोनों छोर पर मजबूत लोहे के खंभे गाड़ दिए हैं। अब इन खंभों के ऊपर लोहे का मजबूत पाइप लगाकर भारी वाहनों का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि अगले एक-दो दिन के भीतर बैरिकेडिंग का यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद बस और ट्रक जैसे सभी बड़े और भारी वाहनों के आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी लागू हो जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता और चालकों की सुविधा के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया है। इसके तहत चांदनी चौक से बैरिया जीरोमाइल होते हुए दादर पुल की ओर जाने वाले भारी वाहन अब चांदनी चौक के नीचे से एनएच होकर सुरक्षित गुजरेंगे।
दरभंगा की ओर से आने वाली बसों के रूट में बदलाव
लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग हो जाने के बाद इस रूट पर बसों के आवागमन पर भी पूरी तरह रोक लग जाएगी। अब दरभंगा की ओर से आने वाले सभी भारी वाहन फोरलेन मार्ग का इस्तेमाल करते हुए मोतिहारी एनएच की तरफ आसानी से जा सकेंगे।
दादर पुल से हर दिन दो हजार से अधिक भारी वाहनों का आना-जाना होता था। पिछले दस वर्षों में इसपर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था। अत्यधिक लोड के कारण इस पुल के कई हिस्सों में गहरी दरारें आ चुकी हैं और सरिया भी बाहर दिखने लगी है।
इंजीनियरों के मुताबिक, करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से इस पुल की मरम्मत का एक विस्तृत प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है। बजट की प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही आधुनिक कार्बन फाइबर और एपाक्सी तकनीक से पुल को दोबारा मजबूत किया जाएगा।
अंबारा और माड़ीपुर आरओबी पर भी लगेगी पाबंदी
दादर पुल के अलावा शहर के माड़ीपुर आरओबी की हालत भी काफी चिंताजनक बनी हुई है। आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम ने भी इस पुल से भारी वाहनों का परिचालन तुरंत रोकने का एक महत्वपूर्ण सुझाव जिला प्रशासन को दिया था।
इसके साथ ही पथ निर्माण विभाग के अधीन देवरिया-बरूराज पथ और अंबारा पथ पर स्थित पुलों को भी एक सप्ताह के भीतर बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया जाएगा। अंबारा में करीब साठ लाख रुपये की लागत से एक नए पुल का निर्माण कार्य कराया जाना है।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. गणेशजी ने बताया कि देवरिया-बरूराज पथ पर नया पुल तो बन चुका है, लेकिन भूमि अधिग्रहण का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण एप्रोच रोड का काम रुका है, जिससे पुराने पुल को बंद करना पड़ रहा है।
Author: Amit Yadav

