Bihar News: बिहार में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भीषण आगजनी और बड़ी आपदाओं से निपटने की एक अनोखी तैयारी की गई है। बिहार अग्निशमन विभाग ने राज्य में एक हाईटेक एआई-आधारित कंट्रोल रूम की शुरुआत की है। यह अत्याधुनिक सिस्टम आग लगने के संभावित खतरों का पहले ही सटीक आकलन कर लेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह नया सिस्टम मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और पुराने संवेदनशील डाटा के गहन विश्लेषण पर काम करेगा। इसके आधार पर एआई सिस्टम आग लगने की आशंका वाले क्षेत्रों की पहले ही पहचान कर लेगा। इसके तुरंत बाद संबंधित रेस्क्यू टीमों को पहले से अलर्ट कर तैयारी शुरू करा दी जाएगी।
अग्निशमन विभाग का दावा है कि ऐसा एडवांस एआई आधारित कंट्रोल रूम शुरू करने वाला बिहार अब पूरे देश का दूसरा राज्य बन गया है। इस नई तकनीक के आने से विभाग की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन दोनों में काफी तेजी आएगी, जिससे जान-माल का नुकसान बेहद कम होगा।
लोकेशन डालते ही एक्टिव होगा शॉर्टकट रूट
इस आधुनिक सॉफ्टवेयर में सभी अग्निशमन वाहनों की लाइव लोकेशन, शहरों के डिजिटल रूट और पुरानी फायर रिपोर्ट्स को भी इंटीग्रेट किया गया है। तकनीक के तहत जैसे ही आग लगने की कोई सूचना कंट्रोल रूम में पहुंचेगी, सिस्टम तुरंत घटनास्थल का सटीक लोकेशन ट्रैक कर नक्शा तैयार कर देगा।
इसके बाद घटनास्थल के सबसे नजदीक मौजूद फायर वाहन और वहां तक पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता (शॉर्टकट रूट) स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा। इससे फायर ब्रिगेड की टीम भारी ट्रैफिक के बीच भी तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी। बड़े शहरों के लिए यह तकनीक गेमचेंजर साबित होने वाली है।
विभाग ने आगजनी और भूकंप जैसी खतरनाक आपदाओं से निपटने के लिए कई अत्याधुनिक उपकरणों की भी नई खेप खरीदी है। इनमें खास थर्मल इमेजर उपकरण शामिल हैं, जो मलबे या घने धुएं के बीच फंसे लोगों को आसानी से खोज निकालेंगे। इससे रेस्क्यू टीम पीड़ितों तक तुरंत पहुंच सकेगी।
ऊंची इमारतों के लिए खरीदे गए अत्याधुनिक वाहन
अग्निशमन विभाग ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए हाल ही में करीब 80 नए अत्याधुनिक वाहन बेड़े में शामिल किए हैं। इनमें 44 बड़े अग्निशमन वाहन और 36 स्कॉर्पियो गाड़ियां शामिल हैं। ये सभी गाड़ियां फील्ड में तैनात जिला अग्निशमन पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अतिरिक्त बेड़े में 12 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, दो रेस्क्यू टेंडर, 10 बड़े वाटर टैंकर, दो वाटर टेंडर और 20 छोटे फोम टेंडर वाहन भी शामिल किए गए हैं। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर लगे विशेष ‘टर्न टेबल एरियल लैडर’ की मदद से अब गगनचुंबी इमारतों में लगी आग पर काबू पाना बेहद आसान होगा।
ये नए विशेष वाहन करीब 52 मीटर की ऊंचाई तक जाकर हवा में 360 डिग्री तक आसानी से घूम सकते हैं। इस आधुनिक खूबी के कारण शहरों की बेहद ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने और वहां लगी आग को तेजी से बुझाने में फायर फाइटर्स को बड़ी मदद मिलेगी।
Author: Amit Yadav

