Bhagalpur News: सोमवार की रात आए भीषण चक्रवाती तूफान ने भागलपुर के बाबूपुर गंगा घाट पर भारी तबाही मचाई है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घाट पर खड़ा एक विशालकाय मालवाहक जलयान (जहाज) लंगर समेत उखड़ गया। तूफान उसे उड़ाकर गंगा की मुख्यधारा में ले गया।
मंगलवार की सुबह जब स्थानीय लोग और कर्मचारी घाट पर पहुंचे, तो जहाज बीच गंगा में फंसा हुआ मिला। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जहाज को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा।
दिनभर बंद रही जलयान सेवा, लगा लंबा जाम
बीच नदी में जहाज के फंस जाने के कारण मंगलवार को दिनभर बाबूपुर घाट से संचालित होने वाली जलयान सेवा पूरी तरह से ठप रही। मालवाहक जहाज न चलने से गंगा के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस रूट से सफर करने वाले व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कंपनी और प्रशासन की टीम लगातार जुटी रही। नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को जहाज को खींचकर वापस किनारे तक लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस हादसे ने घाट प्रबंधन की तैयारियों की भी पोल खोलकर रख दी है।
तीन दिनों से भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं ट्रक चालक
बाबूपुर घाट पर मालवाहक जलयान की इस अव्यवस्था के कारण नेपाल और पूर्णिया जाने वाले दर्जनों भारी ट्रक पिछले तीन दिनों से वहीं फंसे हुए हैं। इन ट्रकों के चालक इस कड़कड़ाती धूप और अचानक हो रही बारिश के बीच गंगा किनारे ही बेहद दयनीय स्थिति में दिन काटने को मजबूर हैं।
नियमों के अनुसार इस रूट पर तीन मालवाहक जहाजों का संचालन होना था, लेकिन वर्तमान में दो जहाज भी सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं। घाट पर न तो जिला प्रशासन का कोई मजिस्ट्रेट तैनात है और न ही कंपनी का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि, जो चालकों को सही समय की जानकारी दे सके।
घाट पर मची है अवैध वसूली और वाहनों की होड़
एनटीपीसी कहलगांव से डस्ट लोड कर नेपाल जा रहे ट्रक चालक रिपु कुमार यादव ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि तीन दिन से फंसे होने के कारण उनके पास पैसे खत्म हो गए हैं। वे सत्तू पीकर किसी तरह अपनी भूख मिटा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
पूर्णिया जाने वाले एक अन्य चालक राजकिशोर मंडल ने बताया कि घाट पर चालकों के रुकने या खाने-पीने की कोई बुनियादी व्यवस्था नहीं है। स्थानीय दुकानदार भोजन और पानी के लिए मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। जहाज के आते ही गाड़ी चढ़ाने के लिए चालकों के बीच हिंसक झड़पें और कहासुनी हो रही है।
Author: Amit Yadav

