भागलपुर में 110 किमी की रफ्तार से आई आंधी ने मचाई भारी तबाही, 8 लोगों की मौत से पसरा मातम!

Bhagalpur News: भागलपुर और इसके आसपास के सीमावर्ती जिलों में सोमवार देर रात आई भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र में 80 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली चक्रवाती हवाओं ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में पूरे जनजीवन को तहस-नहस कर दिया।

इस भयानक प्राकृतिक आपदा के कारण अलग-अलग हादसों में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तूफान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे क्षेत्र में 23 घंटे से अधिक समय तक बिजली की आपूर्ति ठप रही, जिससे हाहाकार मच गया।

अस्पताल का वार्ड तबाह, मलबे में दबने से पांच की मौत

भीषण आंधी के कारण जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मेडिसिन विभाग में स्थित 16 बेड वाला हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वार्ड की खिड़कियां टूटने और शीशे के टुकड़े लगने से वहां भर्ती कई मरीज गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

हादसे में इस्माइलपुर की पूनम देवी, नवगछिया के हीरालाल राम, बड़ी खंजरपुर के नकुल यादव, बिहपुर के जैनुल और राघोपुर के हरि मंडल की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं, दो अन्य लोगों की गंगा नदी में नाव पलटने और सुपौल में आकाशीय बिजली गिरने से मौत हुई है।

लाखों बेजुबान पक्षी मरे, कई जिलों में स्कूल भवन ध्वस्त

इस चक्रवात ने बेजुबान पक्षियों पर भी बड़ा कहर ढाया है। खिरनी घाट स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय श्री नगर (डाइट कैंपस) में लगे पेड़ों के गिरने से भारी संख्या में दुर्लभ पक्षियों की मौत हो गई। वहीं, दरभंगा के किरतपुर प्राथमिक विद्यालय की दो मंजिला छत ढह गई।

इसके अतिरिक्त मधेपुरा, बांका, अररिया, कटिहार, मधुबनी और खगड़िया जिलों से भी सैकड़ों विशालकाय पेड़ों के उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और सैकड़ों कच्चे मकानों के जमींदोज होने की डराने वाली खबरें आ रही हैं। आपदा के बाद से कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।

किसानों के करोड़ों रुपये डूबे, कृषि ऋण माफ करने की मांग

खरीक उत्तरी के जिला पार्षद गौरव राय ने इस प्राकृतिक आपदा को क्षेत्र के इतिहास का सबसे भीषण तूफान बताया है। उन्होंने कहा कि इस आंधी ने क्षेत्र के गरीब किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की पूरी तरह से कमर तोड़कर रख दी है।

अनुमंडल में केला, आम और लीची की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे अकेले खरीक प्रखंड में ही करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित जनप्रतिनिधियों ने बिहार सरकार से मांग की है कि प्रभावित इलाकों का तुरंत सर्वे कराकर बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा दिया जाए।

किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज माफ करने की उठाई आवाज

पार्षद ने सरकार से फसल क्षतिपूर्ति की राशि को तुरंत बढ़ाने और प्रभावित किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लिए गए सभी पुराने ऋणों को माफ करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को दोबारा खेती शुरू करने के लिए नया कृषि ऋण दिया जाए।

इसके साथ ही जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान, दुकानें और मवेशी इस तूफान की भेंट चढ़ गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से अविलंब आर्थिक सहायता मुहैया कराई जानी चाहिए। फिलहाल स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।

Author: Amit Yadav

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