Noida News: नोएडा प्राधिकरण शहर के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को एक शानदार सौगात देने जा रहा है। शहर के सेक्टर-44 और सेक्टर-51 में दो बेहद आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी, जहां पढ़ाई का बेहतरीन माहौल मिलेगा।
इन दोनों अत्याधुनिक लाइब्रेरी में एक ही समय में करीब छह सौ छात्र एक साथ बैठकर शांतिपूर्वक पढ़ाई कर सकेंगे। यहां पारंपरिक किताबों के साथ-साथ बेहतरीन डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे छात्रों को ऑनलाइन स्टडी और रिसर्च करने में काफी आसानी होगी।
प्राधिकरण की ओर से तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर के आधार पर इस पूरे प्रोजेक्ट का बजट तय किया जाएगा। इसके तुरंत बाद निर्माण एजेंसी का चयन करने के लिए टेंडर जारी होंगे। प्राधिकरण का दावा है कि काम शुरू होने के छह महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने दोनों लाइब्रेरी के निर्माण के लिए करीब तीन-तीन हजार वर्गमीटर जमीन भी चिह्नित कर ली है। नोएडा प्राधिकरण की सलाहकार कंपनी ने इसका आकर्षक डिजाइन तैयार किया है। प्रस्तावित डिजाइन के मुताबिक यह पूरी लाइब्रेरी तीन मंजिला ऊंची होगी।
तीन मंजिला इमारत में मिलेंगी ये शानदार सुविधाएं
लाइब्रेरी के ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा रीडिंग हॉल, बुक सेक्शन, लॉकर एरिया और बैगेज काउंटर बनाया जाएगा। वहीं इमारत के पहले और दूसरे फ्लोर पर विशेष रीडिंग सेक्शन, डिजिटल डेस्क सेक्शन और ग्रुप डिस्कशन एरिया विकसित किए जाएंगे, जहां छात्र आपस में चर्चा कर सकेंगे।
छात्रों की सुविधा के लिए तीसरे फ्लोर पर एक और बड़े रीडिंग हॉल के साथ आधुनिक कैफेटेरिया की सुविधा भी दी जाएगी। इस कैफेटेरिया के बनने से छात्र लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के आरामदायक और शांत माहौल में अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रख सकेंगे।
पूरी लाइब्रेरी में हाई-स्पीड वाई-फाई, डेस्कटॉप कंप्यूटर और हेडफोन जैसी सभी जरूरी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्र इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन सर्फिंग कर देश-दुनिया की जानकारी हासिल कर सकेंगे। डिजिटल स्टडी मैटेरियल और ई-लर्निंग को ध्यान में रखकर ही पूरा ढांचा तैयार हो रहा है।
लाइब्रेरी के तीनों फ्लोर पर आसानी से आने-जाने के लिए लिफ्ट और सीढ़ियों दोनों की मजबूत व्यवस्था रहेगी। इस हाईटेक लाइब्रेरी का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि, प्रशासन ने अभी यह तय नहीं किया है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी या मामूली शुल्क लिया जाएगा।
Author: Vijay Chouhan

