दिल्ली के मालवीय नगर में ‘होटल’ बना मौत का कुआं, दर्दनाक अग्निकांड में 21 मासूम लोगों की गई जान

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक अवैध होटल में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 11 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस ने होटल संचालक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।

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बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहा था अवैध होटल

दिल्ली दमकल विभाग के मुताबिक इस होटल के पास फायर अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं था। इमारत में कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं लगा था। जांच में पता चला है कि इस छह मंजिला इमारत को केवल ‘ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना का अस्थाई लाइसेंस मिला हुआ था।

सरकारी नियमों के अनुसार इस योजना में अधिकतम आठ कमरों की ही अनुमति मिलती है। लेकिन संचालक ने लालच में यहां अवैध रूप से 25 कमरे बना दिए थे। पूरी इमारत को चारों तरफ से इस तरह पैक किया गया था कि वेंटिलेशन की कोई जगह नहीं बची थी।

खिड़कियां सील होने से दम घुटने से हुई मौतें

चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने बताया कि इमारत की बनावट के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत चुनौतीपूर्ण था। इसकी सभी खिड़कियों को स्थाई रूप से सील कर दिया गया था। आग लगते ही पूरी बिल्डिंग में कुछ ही सेकेंड के भीतर जहरीला धुआं और भयंकर गर्मी भर गई थी।

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हादसे के शिकार लोग अपनों का इलाज कराने दिल्ली आए थे। गुरुग्राम के रहने वाले सीए विवेक अग्रवाल के परिवार के आठ लोगों की भी इसमें मौत हो गई। उन्होंने आखिरी वक्त में अपने भाई को फोन कर बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई रास्ता नहीं बचा था।

अकेला एग्जिट गेट और इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने काल

चश्मदीदों के मुताबिक इस बहुमंजिला अवैध इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था। आग लगते ही वहां लगा इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल लॉक पूरी तरह जाम हो गया। स्थानीय लोगों ने मुख्य गेट को कटर से काटकर भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।

फायर ब्रिगेड के पूर्व प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया कि नियमों के उल्लंघन के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। यदि इसे होटल की अनुमति मिलती तो इसमें दो आपातकालीन जीने होते। दिल्ली सरकार की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय पर निरीक्षण न करने पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Author: Raj Thakur

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