IPL कोच्चि फ्रेंचाइजी विवाद पर ललित मोदी का बड़ा धमाका, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर लगाए कई गंभीर आरोप

Delhi News: आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने 2010 के कोच्चि फ्रेंचाइजी विवाद पर नए दावे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के कुछ रसूखदार लोगों को तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व का पूरा संरक्षण प्राप्त था। इसी वजह से इस पूरे बड़े प्रकरण की निष्पक्ष जांच समय पर नहीं हो सकी।

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ललित मोदी के इंटरव्यू से मचा नया सियासी घमासान

ललित मोदी ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि कोच्चि टीम के मालिकाना हक को लेकर कई सवाल उठे थे। उस समय राजनीतिक स्तर पर कुछ खास लोगों को बचाने की पुरजोर कोशिश की गई। सत्ता के शीर्ष स्तर से समर्थन मिलने के कारण कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आ सके।

पूर्व आईपीएल प्रमुख ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का समर्थन कुछ व्यक्तियों के साथ था। इस वजह से जांच की पूरी दिशा ही बदल गई। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में अभी तक कोई नया दस्तावेज सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया है।

शशि थरूर के इस्तीफे से जुड़ा है पुराना विवाद

यह विवाद भारतीय क्रिकेट और राजनीति के सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जाता है। वर्ष 2010 में कोच्चि टीम की बोली और उसके निवेश ढांचे को लेकर तीखे सवाल उठे थे। विवाद लगातार बढ़ने के बाद तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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ललित मोदी का कहना है कि उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार कई बड़े मुद्दे उठाए थे। इसके बाद उन्हें ही जानबूझकर निशाना बनाया गया। कोच्चि फ्रेंचाइजी मामले को लेकर उठाए गए उनके सवालों का कभी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

कांग्रेस ने दावों को बताया पूरी तरह राजनीति प्रेरित

दूसरी तरफ कांग्रेस और उससे जुड़े नेताओं ने हमेशा इन आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि आईपीएल से जुड़े विवादों का इस्तेमाल विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं। कई मौकों पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

इस बड़े विवाद के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अपने नियमों में कई सख्त बदलाव किए। बोर्ड ने टीम ओनरशिप से जुड़े खुलासों को लेकर एक पूरी तरह नई व्यवस्था लागू की। इसी दौरान बीसीसीआई ने ललित मोदी को आईपीएल प्रशासन से बाहर कर दिया था।

Author: Prem Sharma

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