New Delhi News: आम आदमी के लिए सस्ते हवाई सफर का सपना अब और भी मजबूत होने जा रहा है। आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘उड़े देश का आम नागरिक’ यानी उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करने वाले हैं। सरकार ने इस नए फेज के लिए 28,840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है।
एयरलाइंस कंपनियों को अब 5 साल तक मिलेगी वित्तीय सब्सिडी
साल 2017 में शुरू हुई इस योजना का मुख्य मकसद देश के छोटे शहरों को हवाई नक्शे पर लाना है। पहले चरण में 669 हवाई रूट्स शुरू किए गए थे। इनमें से 336 रूट्स पर आज भी शानदार तरीके से विमान सेवाएं चल रही हैं। पुरानी व्यावहारिक चुनौतियों को दूर करते हुए सरकार नए सिरे से रफ्तार देगी।
सरकार ने जमीनी हकीकत को समझते हुए सबसे बड़ा बदलाव सब्सिडी के नियमों में किया है। नए बजट में 10,000 करोड़ रुपये सिर्फ एयरलाइंस को सब्सिडी देने के लिए रखे गए हैं। उड़ान के पहले चरण में यह मदद केवल तीन साल के लिए मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है।
छोटे शहरों में हवाई यात्रा का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ तैयार
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस बदलाव से एयरलाइंस को नए रूट्स पर अपना बिजनेस जमाने के लिए पूरा समय मिलेगा। तीन साल की सीमा खत्म होने के बाद कई रूट्स पर विमान चलाना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया था। अब पांच साल के लंबे सपोर्ट से ऐसी दिक्कतें सामने नहीं आएंगी।
अगर उड़ान योजना के पहले चरण के काम पर नजर डालें, तो सरकार ने आम आदमी को सस्ते टिकट मुहैया कराने के लिए एयरलाइंस को लगभग 4,700 करोड़ रुपये की सब्सिडी बांटी है। इसके साथ ही, दूरदराज के इलाकों में एयरपोर्ट का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए 4,800 करोड़ रुपये निवेश किए गए।
नए एयरपोर्ट्स के मेंटेनेंस के लिए बनेगा विशेष फंड
क्षेत्रीय उड़ानों को सफल बनाने के लिए एविएशन सेक्टर की कंपनियों ने भी सरकार के सामने अहम सुझाव रखे हैं। फ्लाई91 के एमडी तथा सीईओ मनोज चाको का कहना है कि योजना का असली फायदा तब मिलेगा, जब दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर क्षेत्रीय एयरलाइंस को पूरा स्लॉट सपोर्ट मिलेगा।
एयरलाइंस की इन सभी अड़चनों को दूर करने के लिए उड़ान योजना के दूसरे चरण में एक शानदार व्यवस्था की गई है। सरकार ने नए एयरपोर्ट्स के मेंटेनेंस के लिए 2,577 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया है। यह नया फंड शुरुआती दौर में एयरपोर्ट को सुचारू रूप से चालू रखने में संजीवनी बनेगा।

