Rampur News: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान को अब 10 साल की कड़ी सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने इस मामले में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पर भी 3.50 लाख रुपये का बड़ा जुर्माना ठोक दिया है। अभियोजन पक्ष की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस नए आदेश के बाद दोनों नेताओं को तगड़ा सियासी और कानूनी झटका लगा है।
जानिए निचली अदालत ने पहले क्या सुनाई थी सजा?
इस चर्चित दो पैन कार्ड धोखाधड़ी मामले में रामपुर की निचली अदालत ने 17 नवंबर 2025 को दोनों को दोषी ठहराया था। तब कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल जेल की सजा दी थी। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया था।
सजा मिलने के बाद से ही आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष ने इस सजा के खिलाफ और अभियोजन पक्ष ने इसे बढ़ाने के लिए सत्र न्यायालय में अपील की थी। कोर्ट ने बचाव पक्ष की याचिका पहले ही खारिज कर दी थी।
बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने फैसले को सराहा
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस कानूनी फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से दो पैन कार्ड बनाने के मामले में यह फैसला नजीर बनेगा। अभियोजन पक्ष की वकील सीमा राणा ने भी कोर्ट के इस कड़े फैसले की पूरी पुष्टि की है।
यह पूरा विवाद साल 2019 में तब शुरू हुआ था जब आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। आजम खान ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ 19 नवंबर 2025 को सत्र न्यायालय में गुहार लगाई थी। लेकिन 20 अप्रैल 2026 को अदालत ने उनकी मुख्य याचिका खारिज कर दी थी।
वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार अब आजम खान को जेल में ज्यादा समय बिताना होगा। रामपुर कोर्ट का यह आदेश उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। अब आजम खान के पास केवल उच्च न्यायालय जाने का विकल्प बचा है।
Author: Raj Thakur

