Mandi News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के मतदान से ठीक तीन दिन पहले एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंडी जिला के जोगेंद्रनगर उपमंडल में गलू पंचायत के एक वार्ड से 30 मत पत्र (Ballot Papers) संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गए हैं।
लापरवाही पर बड़ा एक्शन और नौ कर्मचारी सस्पेंड
इस बड़ी सुरक्षा चूक के उजागर होते ही पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोगेंद्रनगर के एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) सहित चुनावी ड्यूटी पर तैनात नौ कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से हटा दिया है।
यह पूरा मामला चौंतड़ा ब्लॉक के तहत आने वाली गलू पंचायत के वार्ड नंबर-3 का है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौंतड़ा में मत पत्रों की छंटनी का काम चल रहा था। शुरुआती जांच के अनुसार ये मत पत्र करीब दो दिन पहले ही गायब हो चुके थे।
रिकॉर्ड खंगालने पर खुली पोल और एसडीएम ने खुद संभाला मोर्चा
जब खंड विकास अधिकारी (BDO) अनुभव तनवर को इस गड़बड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही शनिवार सुबह एसडीएम मनीश चौधरी ने चौंतड़ा ब्लॉक का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां ड्यूटी पर तैनात पूरी टीम से कड़ी पूछताछ की।
अधिकारियों ने जब पूरे रिकॉर्ड को दोबारा खंगाला और मत पत्रों की नए सिरे से गिनती की, तो वार्ड नंबर-3 के 30 मत पत्र सचमुच गायब मिले। इसके बाद एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टीम को चुनावी ड्यूटी से तुरंत कार्यमुक्त करने के कड़े आदेश जारी किए।
अधिकारियों की रिपोर्ट तैयार और पुलिस में एफआईआर दर्ज
एसडीएम जोगेंद्रनगर मनीश चौधरी ने बताया कि उन्होंने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीसी मंडी को भेज दी है। इसके साथ ही राज्य चुनाव आयोग को भी घटना से अवगत करा दिया गया है। प्रशासन निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस गंभीर लापरवाही में शामिल दोषी कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जा रही है। पुलिस गहराई से जांच करेगी ताकि गायब मत पत्रों की पूरी सच्चाई सामने आ सके। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्या यह महज लापरवाही है या चुनाव प्रभावित करने की साजिश
स्थानीय लोग अब प्रशासनिक मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल उठा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि सिर्फ एक ही विशेष वार्ड के ठीक 30 मत पत्र अचानक कहां चले गए? क्या यह महज कर्मचारियों की लापरवाही है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण चुनावों में मत पत्र गायब होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सोलन जिले से 2 और सिरमौर जिले से 50 मत पत्र गायब हो चुके हैं। इन मामलों की जांच के बाद राज्य चुनाव आयोग सुरक्षा और कड़ी कर सकता है।
Author: Sunita Gupta

