Delhi News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर भगोड़े अपराधी को हिमाचल प्रदेश के मनाली से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपित रोहित दिल्ली पुलिस की नजरों से बचने के लिए पहाड़ों में छिपा हुआ था। वह आर्म्स एक्ट के एक गंभीर मामले में वांछित था।
ओल्ड मनाली के होटल में पहचान छिपाकर कर रहा था काम
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने शनिवार को इस बड़ी कामयाबी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी विशेष एनआर-1 यूनिट ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में यह गुप्त ऑपरेशन चलाया। आरोपित रोहित ओल्ड मनाली इलाके के एक स्थानीय होटल में अपनी पहचान छिपाकर नौकरी कर रहा था।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देश पर घोषित अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चल रहा है। इसी अभियान के तहत एएसआई प्रेम वीर, हेड कांस्टेबल सोनू और अमित कौशिक की एक टीम बनाई गई। यह टीम खुफिया जानकारी जुटाने के बाद निजी वाहन से हिमाचल रवाना हुई थी।
अलूमा कैफे के पास बिछाया जाल और दबोचा शातिर अपराधी
क्राइम ब्रांच की टीम ने 21 मई की सुबह करीब 10 बजे ओल्ड मनाली इलाके में अपनी पोजीशन ली। मुखबिरों से पक्की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अलूमा कैफे एंड होमस्टे के आसपास अपना घेरा मजबूत किया। कुछ देर की कड़ी निगरानी के बाद टीम ने अचानक दबिश देकर रोहित को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के शुरुआती दौर में शातिर आरोपित लगातार झूठ बोलकर दिल्ली पुलिस की टीम को गुमराह करता रहा। वह बार-बार अपना फर्जी नाम और पता बता रहा था। हालांकि क्राइम ब्रांच की तकनीकी और सख्त पूछताछ के आगे उसकी चालाकी धरी रह गई और उसने अपना असली नाम कबूल कर लिया।
आरोपित के खिलाफ अलग-अलग थानों में 11 मुकदमे दर्ज
जांच में पुष्टि हुई कि आरोपित रोहित दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके का रहने वाला है। दिल्ली की अदालत ने उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। मॉडल टाउन थाने में साल 2024 में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद से वह लगातार फरार था।
क्राइम ब्रांच के रिकॉर्ड के मुताबिक इस शातिर अपराधी के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ही दिल्ली छोड़कर पहाड़ों में शरण लिए हुए था। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मामलों की जांच कर रही है।
Author: Raj Thakur


