Uttar Pradesh News: संभल में नवंबर 2024 को हुई हिंसक झड़प मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। संभल सर्कल के पूर्व अधिकारी और वर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी ने अदालत के सामने गवाही दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शाही जामा मस्जिद के सर्वे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने कोई गोलीबारी नहीं की थी। यह गवाही चंदौसी की जिला न्यायाधीश विदुषी सिंह की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की गई है।
बिलाल हत्याकांड मामले में पूर्व एएसपी से जिरह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी से यह पूछताछ बिलाल नामक युवक की मौत के मामले में की गई। मृतक के भाई सलमान ने संभल कोतवाली में पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित के अनुसार गवाही की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। चौधरी ने जिरह के दौरान अदालत को बताया कि उन्होंने मौके पर जो कुछ भी देखा था, उसी के आधार पर हर सवाल का स्पष्ट जवाब दिया है।
हरिहर मंदिर के दावे पर कोर्ट ने दिया था सर्वे का आदेश
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्थानीय अदालत ने एक हिंदू श्रद्धालु की याचिका पर शाही जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि यह मस्जिद एक प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर बनाई गई है। कोर्ट के आदेश के बाद जब प्रशासनिक टीम सर्वे करने पहुंची, तो वहां स्थिति अचानक बिगड़ गई। स्थानीय लोगों ने इस कानूनी प्रक्रिया का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया, जो बाद में हिंसा में बदल गया।
हिंसा में चार लोगों की मौत और दर्जनों घायल
सर्वेक्षण के दूसरे चरण के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। उग्र भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इस भीषण हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस पूरी घटना को लेकर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 12 प्राथमिकियां दर्ज की थीं, जिनकी जांच चल रही है।

