Shimla News: शिमला पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ एक बहुत बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। पुलिस की विशेष टीमों ने जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच शातिर नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने पकड़े गए इन सभी आरोपियों के पास से करीब 21 ग्राम प्रतिबंधित चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी से नशा माफिया में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों में हिमाचल के स्थानीय युवकों के साथ पंजाब के तस्कर भी शामिल हैं।
बस की चेकिंग के दौरान बैग से बरामद हुआ चिट्टा
पहला मामला बालूगंज थाना क्षेत्र का है। 15 मई को स्पेशल सेल की टीम ने एनएच-05 पर नाकेबंदी की थी। जांच के दौरान पुलिस ने एक निजी बस को तलाशी के लिए रोका। बस में बैठे एक संदिग्ध युवक के बैग से छह ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान संजीव वर्मा के रूप में हुई है। वह शिमला जिले के कुमारसैन के कंडयाली गांव का रहने वाला है। पुलिस अब इसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
दूसरा मामला ढली थाना क्षेत्र का है। 14 मई की रात स्पेशल सेल और ढली पुलिस की संयुक्त टीम गश्त पर थी। यह टीम ढली, संजौली और छोटा शिमला क्षेत्र में मुस्तैद थी। इसी दौरान मुखबिर से दो बड़े तस्करों के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली।
पंजाब के पटियाला से आकर शिमला में बेच रहे थे नशा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तरविंद्र सिंह और मोहित कुमार को दबोच लिया। ये दोनों आरोपी पंजाब के पटियाला जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से आठ ग्राम चिट्टा बरामद किया है। ये दोनों आरोपी यहां युवाओं को सप्लाई देने आए थे।
तीसरा मामला कुमारसैन थाना क्षेत्र का है। 12 मई को रामपुर सब-डिवीजन की डिटेक्शन टीम एनएच-05 पर बारुबाग के पास मौजूद थी। पुलिस की टीम वहां आने-जाने वाले वाहनों की गहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को जांच के लिए रोका गया।
ट्रक की बारीकी से तलाशी लेने पर उसमें सवार दो लोगों के पास से सात ग्राम चिट्टा पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान मुश्ताक अली निवासी दत्तनगर, रामपुर और बलबीर निवासी ननखड़ी के तौर पर हुई है। पुलिस ने ट्रक को भी तुरंत जब्त कर लिया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। कोर्ट में पेश कर आरोपियों का रिमांड लिया जाएगा ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
Author: Raj Thakur

