Uttar Pradesh News: बकरीद यानी ईद-उल-अज़्हा 2026 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि सार्वजनिक रास्तों का इस्तेमाल किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बिल्कुल नहीं किया जा सकता है।
लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सड़कें सिर्फ आम लोगों के यातायात के लिए होती हैं। कोई भी समूह सड़क रोककर नमाज या अन्य धार्मिक गतिविधियां कतई नहीं कर सकता है। उन्होंने चेताया कि अगर लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार सख्ती से निपटेगी।
सड़क पर नमाज पढ़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मई 2026 के अंत में बकरीद का त्योहार मनाया जाना है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने पहले से ही अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली हैं। हर साल सड़कों पर नमाज के कारण लगने वाले भारी जाम को रोकने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं में काफी बड़ा बदलाव आया है। अब नमाज केवल मस्जिदों या निर्धारित ईदगाहों में ही पढ़ी जा सकती है। इसके साथ ही अजान के लिए लाउडस्पीकर की आवाज भी मस्जिद परिसर तक सीमित है। जानवरों की कुर्बानी भी केवल प्रशासन द्वारा तय जगहों पर ही होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश और महाकुंभ से अनुशासन की सीख
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। सीएम योगी ने महाकुंभ का अहम उदाहरण देते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने बिना व्यवस्था बिगाड़े अनुशासन दिखाया। यही जरूरी अनुशासन अब हर समुदाय को अपने आयोजनों में अनिवार्य रूप से दिखाना चाहिए।
आगामी बकरीद को पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जिलों के डीएम और एसपी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। लखनऊ, कानपुर और मेरठ जैसे बड़े शहरों में यूपी पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। यातायात पुलिस को जाम की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए खास इंतजाम करने को कहा गया है।
सीएम योगी का यह फैसला राज्य में सुगम यातायात और सार्वजनिक अनुशासन बनाए रखने का एक बेहद अहम हिस्सा है। यूपी सरकार की नीति बिल्कुल साफ है कि कानून सबके लिए एक समान है। स्थानीय प्रशासन लगातार समुदाय के नेताओं के संपर्क में है, ताकि आगामी त्योहार बिना किसी हंगामे और परेशानी के शांति से मने।
यूपी पुलिस और स्थानीय प्रशासन संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। आम नागरिकों, मरीजों और स्कूली बच्चों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। योगी सरकार का स्पष्ट मानना है कि त्योहारों पर कोई भी उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का राज स्थापित करना ही इस सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
Author: Ajay Mishra


