Delhi News: कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने एक बड़ा दावा किया है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई बिल्कुल तय है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते आर्थिक हालात के कारण देश में असंतोष बढ़ेगा।
राहुल गांधी ने बैठक में वरिष्ठ नेताओं के सामने जोर देकर कहा कि उनकी पुरानी सभी भविष्यवाणियां हमेशा सच साबित हुई हैं। इस बार भी देश के राजनीतिक हालात को लेकर किया गया उनका यह दावा पूरी तरह सच होगा। राहुल के इस बयान के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
मुस्लिम शब्द के इस्तेमाल पर राहुल गांधी ने जताई असहमति
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने मुस्लिम शब्द की जगह ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का उपयोग करने की सलाह दी थी। इस पर राहुल गांधी ने तुरंत असहमति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कांग्रेस हर पीड़ित वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि चाहे हिंदू, दलित, सवर्ण, मुस्लिम, सिख, ईसाई या फिर बौद्ध और जैन समाज हो। जिस भी वर्ग के साथ समाज में अन्याय होगा, पार्टी उसके हक के लिए आवाज उठाएगी। उन्होंने नेताओं से कहा कि जनहित के मुद्दों को उठाने में किसी प्रकार का संकोच नहीं होना चाहिए।
बैठक में उपस्थित कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा की राजनीति से निपटने का एक खास मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को अब आर्थिक मुद्दों पर आधारित राजनीति को आगे बढ़ाना चाहिए। कांग्रेस ने पहले भी इसी रणनीति के जरिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुकाबला किया है।
अल्पसंख्यक नेताओं ने राहुल गांधी से की एक बड़ी शिकायत
मंथन के दौरान कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से एक बड़ी शिकायत भी दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि आप तो अल्पसंख्यकों के मुद्दों को खुलकर उठाते हैं, लेकिन कांग्रेस के दूसरे बड़े नेता अक्सर इससे परहेज करते हैं। इसलिए बाकी सभी नेताओं को भी इस नीति पर चलने को कहा जाए।
दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक का आयोजन अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था। इस कार्यक्रम में सिर्फ मुस्लिम नेता ही नहीं बल्कि सिख समाज से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी एडेन और बौद्ध समाज से राजेंद्र पाल गौतम को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
इस बैठक के दौरान एक बहुत ही दिलचस्प और हल्का-फुल्का वाकया भी सामने आया। दरअसल, जब मंच से जैन समाज के प्रतिनिधि के तौर पर वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया गया, तो खुद राहुल गांधी भी हंस पड़े और अचानक चौंक गए।
सोशल मीडिया पर इमरान प्रतापगढ़ी ने बयां किया बैठक का सार
इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने माइनॉरिटी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्यों के साथ बेहद खुले दिल और खुले विचारों से लंबी बातचीत की है। वह सभी समाज को बराबर का हक देते हैं।
इस महत्वपूर्ण चर्चा में तारिक अनवर, केसी वेणुगोपाल, मोहम्मद अजहरूद्दीन, कनीज फातिमा, नासिर हुसैन और इमरान मसूद समेत 50 से अधिक दिग्गज नेता शामिल हुए। इसके अलावा असलम शेख, साजिद पठान, आरिफ मसूद और इरफान अंसारी की मौजूदगी ने इस संवाद को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत बना दिया।
Author: Harikarishan Sharma

