यूपी की देसी गायों के हाई प्रोटीन दूध का मुरीद हुआ पूरा देश, भारतीय सेना में अचानक क्यों बढ़ गई भारी मांग?

Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से राज्य में गो संरक्षण अब आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बन रहा है। उत्तर प्रदेश की देसी गायों के हाई प्रोटीन दूध और प्रीमियम उत्पादों की मांग अब भारतीय सेना में काफी बढ़ गई है। यह अनूठी मुहिम प्रदेश को एक नई आर्थिक ताकत दे रही है।

सैनिकों की फिटनेस और पोषण के लिए उपयोगी साबित हो रहा यह दूध

प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर यह प्रीमियम दूध हमारे बहादुर सैनिकों की फिटनेस और पोषण आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। उत्तर प्रदेश के इन प्रीमियम गो उत्पादों की ऑनलाइन आपूर्ति अब दिल्ली-एनसीआर समेत चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई जैसे देश के तमाम बड़े महानगरों तक बहुत तेजी से की जा रही है।

अमेजन जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए देश के कोने-कोने में पहुंच रहे इस दूध ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण के लिए लगातार अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

प्रयागराज के इंजीनियर ने पेश किया गो आधारित समृद्धि का नया मॉडल

प्रयागराज के रहने वाले इंजीनियर एस एन द्विवेदी ने नोएडा में रोजगार के साथ गो सेवा के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। उनकी आधुनिक गोशाला की गिर और साहीवाल जैसी स्वदेशी नस्लों के दूध में उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन और प्राकृतिक पोषक तत्व पाए जाते हैं।

यही वजह है कि भारतीय सेना में इस दूध के उपयोग को लेकर लगातार बड़ी मांग आ रही है। यह स्वदेशी दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर को ऊर्जा देने और मांसपेशियों को मजबूती देने में काफी सहायक माना जाता है। वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस होने के कारण इसकी शुद्धता पर भरोसा बढ़ा है।

महानगरों के जागरूक उपभोक्ताओं के बीच बढ़ी प्रीमियम गो उत्पादों की बिक्री

उत्तर प्रदेश के ये उच्च गुणवत्ता वाले गो उत्पाद अब देश के सबसे बड़े बाजारों में अपनी धाक जमा रहे हैं। महानगरों में फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। 165 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा यह दूध गो आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

आइसलैंड और डेनमार्क की अत्याधुनिक डेयरी टेक्नोलॉजी का शानदार इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश में पहली बार आइसलैंड और डेनमार्क की विश्वस्तरीय डेयरी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक से दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग की पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की गई है। पूरी तरह स्वच्छ वातावरण में तैयार होने के कारण दूध की पौष्टिकता और गुणवत्ता लंबे समय तक बरकरार रहती है।

नोएडा में 200 देसी गायों की डेयरी चला रहे इंजीनियर एस एन द्विवेदी अब अलीगढ़ में 500 गायों की एक और अत्याधुनिक गोशाला तैयार कर रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से ही उन्हें इस पावन कार्य को बड़े कॉर्पोरेट स्तर पर आगे बढ़ाने की असली प्रेरणा मिली।

आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रनिर्माण की नई ताकत बन रही गो आधारित अर्थव्यवस्था

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि सरकार के प्रयास अब जमीन पर बड़े बदलाव के रूप में दिख रहे हैं। आधुनिक गोशालाओं और ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए प्रदेश का यह अभिनव डेयरी मॉडल अब एक बड़ी राष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुका है।

गो सेवा के जरिए जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा हो रहे हैं, वहीं भारतीय सेना तक पौष्टिक गो उत्पाद पहुंचाकर इसे सीधे राष्ट्रसेवा से भी जोड़ा जा रहा है। योगी सरकार के संरक्षण में यह पूरा अभियान आत्मनिर्भर भारत के सपने को लगातार सच कर रहा है।

Author: Ajay Mishra

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