Noida News: साइबर ठगों ने ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला नया तरीका निकाला है। सेक्टर-63 स्थित एक प्राइवेट कंपनी के निदेशक का फोन नंबर हैक कर शातिर बदमाशों ने कंपनी के अकाउंटेंट को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर कंपनी के खाते से ऑनलाइन अठारह लाख रुपये पार कर दिए।
इस सनसनीखेज ठगी का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के असली निदेशक ने खुद अकाउंटेंट को फोन किया। ठगी का अहसास होते ही कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाने में जाकर पुलिस को इस पूरी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
शिकायतकर्ता संजीव चौहान ने साइबर पुलिस को बताया कि सेक्टर-63 में उनकी बामा पावर कंट्रोल सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक बड़ी कंपनी है। इसी कंपनी में आरके सिन्हा नामक व्यक्ति अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं, जो कंपनी के वित्तीय लेन-देन का पूरा काम देखते हैं।
ग्यारह तारीख को अकाउंटेंट आरके सिन्हा के पास एक अनजान नंबर से मोबाइल पर वाट्सऐप मैसेज आया था। शातिर मैसेज भेजने वाले ने अपने वाट्सऐप की डीपी यानी प्रोफाइल पिक्चर पर कंपनी के निदेशक संजीव चौहान की फोटो लगा रखी थी, जिससे अकाउंटेंट आसानी से झांसे में आ गया।
मीटिंग का बहाना बनाकर खातों में ट्रांसफर कराई रकम
निदेशक की प्रोफाइल फोटो को देखकर अकाउंटेंट को लगा कि मैसेज वास्तव में उनके बॉस ने ही भेजा है। शातिर ठग ने सबसे पहले अकाउंटेंट से कंपनी के बैंक खाते में जमा कुल रकम की जानकारी मांगी। जैसे ही अकाउंटेंट ने बताया कि खाते में अठारह लाख रुपये हैं, ठग सक्रिय हो गया।
इसके तुरंत बाद शातिर ने दूसरा मैसेज भेजा कि वह एक बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त हैं। उसने कहा कि तुरंत एक जरूरी भुगतान करना है, इसलिए कंपनी के अकाउंट से सारी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाए। ठग ने अपने बैंक खातों की डिटेल भी भेज दी।
अकाउंटेंट ठग के बिछाए जाल में पूरी तरह फंस गए और निदेशक का आदेश मानकर कई बार में पूरी रकम बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी। कुछ देर बाद जब असली निदेशक संजीव चौहान से उनकी फोन पर बातचीत हुई, तब जाकर इस पूरी बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ।
साइबर क्राइम पुलिस ने शुरू की खातों की जांच
निदेशक ने जब किसी भी तरह का मैसेज भेजने की बात से साफ इनकार किया, तो अकाउंटेंट के होश उड़ गए। घटना के तुरंत बाद साइबर क्राइम थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है।
साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि जिन खातों में ट्रांजेक्शन हुई है, उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। संबंधित बैंक प्रबंधकों को इस संबंध में तत्काल ईमेल भेजकर खातों को फ्रीज करने और पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
Author: Vijay Chouhan

