Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग को कर संग्रह बढ़ाने के साथ ही ईमानदार व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने साफ कहा कि व्यापारियों को हर हाल में सम्मान, जरूरी सुविधाएं और समस्याओं का त्वरित समाधान मिलना चाहिए। सीएम ने सोमवार को कर प्रणाली को अधिक सरल और डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया।
राजस्व बढ़ाने के लिए सीएम योगी ने दिया नया मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने में राज्य कर विभाग सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। विभाग को राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ अब जनता के बीच विश्वास आधारित प्रशासन का एक बेहतरीन मॉडल पेश करना होगा। वैध व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सभी कड़े कदम उठाने होंगे।
उन्होंने उच्च अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया बिल्कुल आसान हो। इसके अलावा अपील निस्तारण और टैक्स रिफंड के मामलों में होने वाली किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी को तुरंत समाप्त किया जाए। ढीला रवैया अपनाने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को छोटे और स्थानीय कारोबारियों को जागरूक करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला और खंड स्तर पर करदाता सहायता कार्यक्रम चलाए जाएं। अधिकारी व्यापारियों के साथ लगातार सीधा संवाद बनाए रखें, ताकि व्यापारिक माहौल को और अधिक बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि नई तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के मजबूत इस्तेमाल से कर चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए। इसके साथ ही ईमानदारी से व्यापार करने वाले लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना भी बेहद जरूरी है। इससे सरकार के राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
जीएसटी संग्रह में देश में दूसरे नंबर पर पहुंचा उत्तर प्रदेश
विशेष समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। राज्य ने जीएसटी और वैट मद से कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का भारी राजस्व प्राप्त किया। यह शानदार आंकड़ा सरकार के पुनरीक्षित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है।
इस शानदार संग्रह के साथ उत्तर प्रदेश अब पूरे देश में जीएसटी कलेक्शन के मामले में दूसरे स्थान पर आ गया है। इस सूची में महाराष्ट्र पहले स्थान पर मजबूती से काबिज है, जबकि कर्नाटक तीसरे स्थान पर खिसक गया है। यूपी की इस बड़ी सफलता से प्रशासनिक अधिकारी काफी उत्साहित हैं।
अधिकारियों ने सीएम को बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में व्यापारियों के साथ बड़े संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें नए जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग और जीएसटी 2.0 सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी जिलों में ‘व्यापार बंधु’ की बैठकें भी समय पर आयोजित की गईं।
जून महीने से खंड स्तर पर शुरू होगा महासंवाद अभियान
बैठक में जानकारी दी गई कि जून 2026 से राज्य कर विभाग खंड स्तर पर एक नया संवाद कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके तहत विभिन्न बिजनेस सेक्टरों, व्यापारी संगठनों और टैक्स अधिवक्ताओं के साथ सीधा संपर्क साधा जाएगा। इससे जमीनी स्तर पर टैक्स से जुड़ी विसंगतियां दूर होंगी।
सरकार अब सीजीएसटी, डीजीजीआई और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ आपसी समन्वय को तेजी से बढ़ा रही है। इसके साथ ही वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्राफा कारोबारियों के साथ भी विशेष बैठकें की गई हैं। इस पहल से सोने-चांदी के व्यापार में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी।
Author: Ajay Mishra

