हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लागू होगा सीबीएसई सिलेबस, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षक भर्ती पर दी बड़ी जानकारी

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई का सिलेबस लागू होगा। राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को इस बड़े फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनिंदा सरकारी स्कूलों में नया सिलेबस शुरू करने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।

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सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बीच का अंतर खत्म करेगी योजना

शिक्षा मंत्री के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बीच की दूरी को कम करना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर इसकी घोषणा की थी। इसके तहत राज्य भर के लगभग एक सौ पचास सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में बदला जा रहा है।

इस नई पहल के कारण चयनित स्कूलों में अब तक करीब सोलह हजार एक्स्ट्रा स्टूडेंट्स एडमिशन ले चुके हैं। पैरेंट्स इस बदलाव को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि सीबीएसई पैटर्न लागू होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर काफी ज्यादा मजबूत हो जाएगा।

लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर होगी पारदर्शी शिक्षक भर्ती

सीबीएसई स्कूलों के लिए स्टाफ की नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जा रही हैं। इसके लिए वर्तमान हेडमास्टर्स, पीजीटी और टीजीटी शिक्षकों के लिए एक लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। करीब दो हजार शिक्षकों ने इस विशेष परीक्षा के लिए अपना आवेदन सबमिट किया था।

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इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती भी मिली थी। करीब पांच महीने तक यह मामला अदालत के समक्ष पेंडिंग रहा। आखिरकार हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की इस बेहतरीन शिक्षा नीति को सही ठहराया। इसके बाद शिक्षा विभाग को आगे की प्रक्रिया बढ़ाने की हरी झंडी मिल गई।

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनी विशेष कैबिनेट कमेटी

इस फैसले को लागू करने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाई गई है। अधिकांश चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। लगभग एक सौ अड़तीस हेडमास्टर्स ने स्वेच्छा से अपनी स्टेशन चॉइस विभाग के पास जमा कर दी है।

शिक्षा विभाग जल्द ही सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को फाइनल पोस्टिंग आर्डर जारी करेगा। इसके बाद बुक्स और अन्य ऑपरेशनल व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को सुलझाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि बिना किसी देरी के जमीनी स्तर पर सीबीएसई पैटर्न के तहत पढ़ाई शुरू करवा दी जाए।

टीचर्स ट्रांसफर में राजनीतिक दखल पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

शिक्षकों के ट्रांसफर के मुद्दे पर मंत्री ने स्वीकार किया कि तबादलों में राजनीतिक हस्तक्षेप एक पुरानी समस्या रही है। उन्होंने हमेशा एक पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी की वकालत की है। कमेटी इस मुद्दे की जांच कर रही है, लेकिन सीबीएसई नियुक्तियों की प्रक्रिया को अब बदला नहीं जाएगा।

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