मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, ‘लेडी सिंघम’ सिमाला प्रसाद बनीं खरगोन रेंज की नई डीआईजी

Bhopal News: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने 3 जून की शाम को नौ सीनियर आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले का ऑफिशियल ऑर्डर जारी किया है। इस ट्रांसफर लिस्ट में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर सुश्री सिमाला प्रसाद का नाम भी शामिल है।

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साल 2011 बैच की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी सिमाला प्रसाद को मध्य प्रदेश सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग सौंपी है। भोपाल में जन्मी सिमाला प्रसाद को अब उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG), खरगोन रेंज के पद पर तैनात किया गया है, जहां वह कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगी।

भोपाल पुलिस मुख्यालय से खरगोन रेंज की मिली जिम्मेदारी

आईपीएस अधिकारी सिमाला प्रसाद अब तक भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में महिला सुरक्षा शाखा में उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब वह खरगोन रेंज में क्रिमिनल्स के खिलाफ मोर्चा संभालती हुई नजर आएंगी।

मध्य प्रदेश में अपराधियों के छक्के छुड़ाने वाली सिमाला प्रसाद का जन्म 8 अक्टूबर 1980 को भोपाल में हुआ था। वह रियल लाइफ में जितनी कड़क पुलिस अफसर हैं, रील लाइफ यानी फिल्मी दुनिया में भी उनका जलवा उतना ही शानदार रहा है, जो उन्हें अन्य अफसरों से काफी अलग बनाता है।

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रियल लाइफ में डीआईजी और रील लाइफ में बनीं सब-इंस्पेक्टर

आईपीएस सिमाला प्रसाद बॉलीवुड की फिल्मों में भी अपनी बेहतरीन एक्टिंग का हुनर दिखा चुकी हैं। वह हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘द नर्मदा स्टोरी’ में लीड रोल निभाती नजर आईं। दिलचस्प बात यह है कि असल जिंदगी में डीआईजी रैंक की यह अधिकारी फिल्म में एक सब-इंस्पेक्टर के रोल में दिखीं।

यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जो कि एक बेहद सम्मोहक क्राइम थ्रिलर (Crime Thriller) मूवी है। यह फिल्म मध्य प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ न्याय की जंग लड़ रही एक आदिवासी महिला के कड़े संघर्ष को दर्शाती है, जिसमें रघुबीर यादव और मुकेश तिवारी जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं।

बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी

सिमाला प्रसाद की सफलता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। भोपाल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया और फिर सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उन्हें कॉलेज के दिनों से ही थिएटर और डांस का काफी शौक था।

सिमाला ने सबसे पहले मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा पास की और डीएसपी (DSP) बनीं। इस पद पर ड्यूटी करते हुए उन्होंने बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए सेल्फ स्टडी से यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं।

पिता रहे हैं सीनियर आईएएस और मां को मिल चुका है पद्म श्री

सिमाला प्रसाद का पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी मजबूत है और उनके रग-रग में देश सेवा बसी है। उनके पिता डॉ. भागीरथ प्रसाद साल 1975 बैच के पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी और पूर्व सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर (कुलपति) भी रहे हैं।

उनकी माता मेहरुन्निसा परवेज देश की एक जानी-मानी साहित्यकार और लेखिका हैं। शिक्षा और हिंदी लेखन के क्षेत्र में उनके अतुलनीय और बेहतरीन योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2005 में देश के बेहद प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से भी नवाजा था।

फिल्म ‘अलिफ’ से की थी बॉलीवुड के सफर की शानदार शुरुआत

बिना किसी प्रोफेशनल एक्टिंग ट्रेनिंग के सिमाला प्रसाद का बॉलीवुड का सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। जाने-माने फिल्म डायरेक्टर जैगम इमाम ने उनकी नेचुरल एक्टिंग की प्रतिभा को पहचाना था। उन्होंने साल 2016 में आई फिल्म ‘अलिफ’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसमें उनका एक छोटा सा रोल था।

इसके बाद सिमाला प्रसाद साल 2019 में आई फिल्म ‘नक्काश’ में भी नजर आईं। इस फिल्म में उन्होंने बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकार शारिब हाशमी और कुमुद मिश्रा के साथ काम किया, जहां उन्होंने कैमरे के सामने एक्टिंग की कई बारीकियां सीखीं। वह अपनी ड्यूटी के साथ-साथ कला के प्रति अपना पैशन बनाए हुए हैं।

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