Himachal News: सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग एक सप्ताह के भीतर पूरी तरह बहाल हो जाएगा। सीमा सड़क संगठन (BRO) बारालाचा दर्रे से बर्फ हटाने के अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस मार्ग के खुलने से भारतीय सेना के जवानों और लेह-लद्दाख के स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में लद्दाख केवल शिंकुला मार्ग से जुड़ा है, लेकिन वह रास्ता मुख्य मार्ग की तुलना में डेढ़ गुना अधिक लंबा पड़ता है।
पर्यटन कारोबार को मिलेगी नई संजीवनी
कुल्लू-मनाली और लाहुल के पर्यटन कारोबारी इस मार्ग के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मई का दूसरा पखवाड़ा शुरू होने के बावजूद अभी होटलों में ऑक्यूपेंसी केवल 50 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। मनाली-लेह मार्ग बहाल होते ही पर्यटन गतिविधियों में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। लेह जाने वाले अधिकतर पर्यटक मनाली में एक-दो दिन रुकते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचता है।
विकट मौसम के बीच बीआरओ का संघर्ष जारी
427 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को बहाल करने के लिए बीआरओ की दो टीमें जुटी हुई हैं। मनाली से सरचू तक दीपक परियोजना और लेह से सरचू तक हिमांक परियोजना बर्फ हटाने का कार्य कर रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां काम में बाधा डाल रही हैं। भारी बर्फबारी और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद बीआरओ के कर्मचारी दिन-रात मशीनों के साथ डटे हुए हैं। सड़क बहाली का कार्य बिना रुके लगातार प्रगति पर है।
क्या कहते हैं बीआरओ के अधिकारी
बीआरओ कमांडर कर्नल गौरव ने बताया कि बारालाचा दर्रे में रोजाना हो रही हल्की बर्फबारी से बहाली कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में मौसम ने साथ दिया, तो एक सप्ताह के भीतर लेह को मनाली से सफलतापूर्वक जोड़ दिया जाएगा। बारालाचा दर्रा इस मार्ग का सबसे कठिन हिस्सा माना जाता है। मार्ग खुलने के बाद आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और सैन्य रसद पहुंचाना बहुत आसान हो जाएगा।
लाहुल और मनाली की वादियों में बढ़ेगी रौनक
मनाली-लेह सड़क बहाल होने से आने वाले दिनों में लाहुल और मनाली की वादियां सैलानियों से गुलजार होंगी। साहसिक पर्यटन के शौकीन और बाइकर्स इस मार्ग के खुलने का साल भर इंतजार करते हैं। सड़क खुलने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध भी मजबूत होंगे। प्रशासन ने भी मार्ग खुलने की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

