Ghaziabad News: गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चिकित्सकों ने जांच के बाद चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल हैं। लू और भीषण गर्मी के चलते अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की संख्या में भारी उछाल देखा जा रहा है।
अस्पताल की रिपोर्ट में मौत का खुलासा
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार द्वारा जारी डेथ रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में प्रताप विहार के 50 वर्षीय महबूब और पुराना विजयनगर की मुन्नी देवी शामिल हैं, जिनकी मौत का कारण हाइपरटेंशन बताया गया है। वहीं, प्रहलादगढ़ी की सात महीने की बच्ची आरोही की मौत बुखार और चिकनपॉक्स के कारण हुई, जबकि साढ़े तीन साल के अफनान को दौरा पड़ने के बाद मृत घोषित किया गया।
शुक्रवार को अस्पताल की इमरजेंसी में कुल 76 गंभीर मरीज पहुंचे थे। इनमें से 22 मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि चार को गंभीर स्थिति के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सतर्क बना हुआ है।
ओपीडी में 3000 से अधिक मरीज
शहर के तीन प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में कुल 3058 मरीज इलाज कराने पहुंचे। भीषण गर्मी और लू के कारण उल्टी-दस्त, थकान, चक्कर और डिहाइड्रेशन के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की कुल संख्या 132 तक पहुंच गई है। पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को कड़ी धूप में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को हीट स्ट्रोक का कोई आधिकारिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। सरकारी अस्पतालों में कुल बीमार बच्चों की संख्या 471 रही, जिनमें से 63 बच्चे बुखार से पीड़ित थे। चिकित्सक लगातार लोगों को इस चुनौतीपूर्ण मौसम में अपना विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टरों की विशेष सावधानी बरतने की अपील
जिला एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धूप से बचाव बेहद जरूरी है और लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि चक्कर आने या स्वास्थ्य बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ओआरएस के घोल का नियमित सेवन करें।
विशेषज्ञों ने कड़े निर्देश दिए हैं कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। अस्पताल प्रशासन ने भी ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए छाया और पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, ताकि बढ़ती गर्मी में मरीजों को अधिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
Author: Ajay Mishra


