Gold Price Forecast: क्या सचमुच 8,900 डॉलर पार कर जाएगा सोना? इस अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट की भविष्यवाणी से मची भारी खलबली

Business News: सर्राफा बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच सोने की भविष्य की कीमतों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली वैश्विक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों और निवेशकों में खलबली मचा दी है। इसमें दावा किया गया है कि आने वाले दिनों में स्वर्ण बाजार में अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक तेजी आने वाली है।

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद मानी जाने वाली ‘इन गोल्ड वी ट्रस्ट रिपोर्ट’ ने सोने को लेकर एक सनसनीखेज भविष्यवाणी की है। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले कुछ ही वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 8,900 डॉलर प्रति औंस के जादुई स्तर को आसानी से छू सकती है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज सोने और चांदी का ताजा भाव

अगर आप इस समय आभूषण खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए कमोडिटी बाजार से एक तात्कालिक राहत भरी खबर भी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 22 मई की शाम को जून डिलीवरी वाला सोना 1,328 रुपये की गिरावट के साथ 1,58,278 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।

इसके साथ ही जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में भी 4,588 रुपये की भारी मंदी दर्ज की गई। बाजार में चांदी 2,70,295 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी। हालांकि, कमोडिटी एक्सपर्ट्स का साफ मानना है कि घरेलू बाजार में कीमतों में आई यह आंशिक गिरावट बेहद कम समय के लिए है।

कागजी नोटों से उठ रहा भरोसा, सोना बनेगा वैश्विक किंग

इस वैश्विक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा अब कागजी मुद्रा (फिएट करेंसी) जैसे डॉलर और रुपये से धीरे-धीरे उठ रहा है। साल 1971 के बाद शुरू हुई मौजूदा मौद्रिक व्यवस्था अब लगातार कमजोर पड़ रही है। लोग सोने को सबसे सुरक्षित और असली मूल्य वाली संपत्ति मान रहे हैं।

इसी साल जनवरी 2026 में सोने ने 5,595 डॉलर प्रति औंस का नया ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले वर्ष 2025 में ही सोने ने 64.4% की तूफानी वार्षिक बढ़त दर्ज की थी। यह वार्षिक तेजी साल 1979 के बाद की सोने के इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक छलांग मानी जा रही है।

सेंट्रल बैंकों की ताबड़तोड़ खरीदारी से पीली धातु बनी महा-शक्तिशाली

इस रिपोर्ट के विश्लेषकों ने साल 2020 में अनुमान लगाया था कि सोना साल 2030 तक 4,800 डॉलर के स्तर पर पहुंचेगा। हालांकि, यह पुराना लक्ष्य समय से पहले यानी इसी साल 2026 में ही टूट गया। इसी मजबूत रुख को देखते हुए अब दशक के अंत के लिए 8,900 डॉलर का महा-टारगेट सेट किया गया है।

सोने की इस बेतहाशा मजबूती के पीछे विभिन्न देशों के सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही सोने की ताबड़तोड़ खरीदारी है। अकेले साल 2025 में ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने कुल 863 टन सोना खरीदकर अपने सुरक्षित खजाने में रख लिया है ताकि अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

Author: Rajesh Kumar

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