लखनऊ कचहरी में हाई कोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर: वकीलों का भारी हंगामा और पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां

Uttar Pradesh News: लखनऊ के कचहरी रोड पर हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद रविवार सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ अवैध कब्जे हटाने पहुंची। जैसे ही नगर निगम के बुलडोजरों ने वकीलों के अवैध चैंबर और दुकानों को ध्वस्त करना शुरू किया, वहां भारी हंगामा खड़ा हो गया।

अतिक्रमण हटाने की इस बड़ी कार्रवाई का वकीलों ने पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि वकीलों की तरफ से नारेबाजी और पथराव शुरू हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को वकीलों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।

100 के करीब चैंबर किए गए ध्वस्त, एक सिपाही घायल

नगर निगम की टीम रविवार सुबह करीब नौ बजे दस बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ कचहरी रोड पहुंची थी। टीम ने सबसे पहले स्वास्थ्य भवन की तरफ बने करीब 80 चैंबर और निबंधन भवन की तरफ के 17-18 चैंबरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 100 चैंबर मलबे में तब्दील हो गए।

कार्रवाई की भनक लगते ही छुट्टी के दिन भी सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। कुछ अधिवक्ता कार्रवाई का विरोध करते हुए बुलडोजर के आगे खड़े हो गए, तो कुछ जमीन पर लेट गए। इसी बीच पथराव में एक पुलिस सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया।

भेदभाव का आरोप लगाकर सड़क पर बैठे वकील

गुस्साए वकीलों ने प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि लाल निशान लगाने के बावजूद एक मजार को नहीं छुआ गया, जबकि बार एसोसिएशन के दबाव में कुछ रसूखदार लोगों के कब्जों को भी छोड़ दिया गया। इसके विरोध में सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री अवनीश दीक्षित उर्फ हनी वकीलों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए।

अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने साफ किया कि मजार के बगल में बनी दुकान पर लाल निशान था, जिसे तोड़ा गया है। भारी विरोध को देखते हुए दोपहर डेढ़ बजे कार्रवाई रोकनी पड़ी। शाम को टीम दोबारा जुटी, लेकिन सूर्यास्त होने के कारण काम स्थगित करना पड़ा।

जानिए क्या है हाई कोर्ट का सख्त आदेश

न्यायाधीश राजेश सिंह चौहान और न्यायाधीश राजीव भारती की पीठ ने अधिवक्ता अनुराधा सिंह, देवांशी श्रीवास्तव और अरुणिमा श्रीवास्तव की याचिका पर यह आदेश दिया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कोर्ट परिसर के बाहर अवैध चैंबर बनाकर अराजकता फैलाई जा रही है। कोर्ट ने प्रशासन को 25 मई तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

अतिक्रमण हटाने के लिए तैनात रही भारी फोर्स

कचहरी रोड पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे। मौके पर एहतियात के तौर पर दो कंपनी पीएसी और राजधानी के 14 थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। वजीरगंज, कैसरबाग और चौक समेत कई थानों के 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।

गौरतलब है कि जनवरी 2026 से कोर्ट परिसर के बाहर अवैध कब्जों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद 7 मई को हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का अंतिम आदेश दिया था। नगर निगम ने 12 मई को ही अवैध चैंबरों पर लाल निशान लगाकर 16 मई तक खाली करने का अल्टीमेटम दिया था।

Author: Ajay Mishra

Hot this week

Related News

Popular Categories