बकरीद से पहले यूपी में बढ़ी सियासी तपिश: सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, क्या सड़कों पर नहीं होगी नमाज?

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आगामी बकरीद त्योहार से पहले प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों के दौरान सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि सार्वजनिक रास्तों को किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए ब्लॉक नहीं करने दिया जाएगा।

धार्मिक आयोजनों के लिए नहीं बनी हैं सड़कें

लखनऊ के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आम जनता के आने-जाने के लिए बनी हैं। कोई भी समुदाय सड़क रोककर धार्मिक आयोजन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि प्यार से बात मानने पर ठीक, वरना सरकार कानून के तहत निपटना जानती है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब मई के आखिरी हफ्ते में बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी है। उन्होंने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए गरिमा बनाए रखने की अपील की।

हाईकोर्ट के आदेशों का दिया हवाला

उत्तर प्रदेश सरकार का यह सख्त कदम कानूनी रूप से भी बेहद मजबूत है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अपने पिछले फैसलों में साफ कहा है कि नमाज पढ़ने के लिए सड़कों या पार्कों का इस्तेमाल नहीं हो सकता। धार्मिक स्वतंत्रता के नाम पर आम जनता के अधिकारों का हनन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

योगी सरकार ने पिछले कुछ सालों में राज्य के कई बड़े शहरों में इस नियम को कड़ाई से लागू किया है। पहले मेरठ, लखनऊ, अलीगढ़ और सहारनपुर जैसे इलाकों में सड़क जाम आम बात थी। अब अजान की आवाज केवल मस्जिदों के भीतर तक सीमित है और कुर्बानी भी तय जगहों पर ही होगी।

सभी जिलों के डीएम-एसपी को मिले निर्देश

आगामी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने कमर कस ली है। राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा चाक-चौबंद करने के निर्देश मिले हैं। पुलिस प्रशासन स्थानीय धर्मगुरुओं के साथ लगातार बैठकें कर रहा है ताकि किसी भी तरह का कोई विवाद पैदा न हो।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्थलों की पहचान की जाएगी, लेकिन सड़कों पर भीड़ जमा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। सरकार का मुख्य फोकस सभी नागरिकों के लिए सुगम यातायात और कानून का राज स्थापित करना है।

Author: Ajay Mishra

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