Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुके हैं। राज्य की 1293 ग्राम पंचायतों में पहले चरण के तहत आगामी 26 मई को मतदान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता अपनी नई छोटी सरकार चुनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
रविवार शाम से बंद होंगे शराब के ठेके और थमेगा प्रचार
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पहले चरण के चुनावी क्षेत्रों में रविवार शाम तीन बजे से पूरी तरह ड्राई डे घोषित रहेगा। इस दौरान सभी देसी और अंग्रेजी शराब के ठेके पूरी तरह बंद रहेंगे।
इसके साथ ही रविवार शाम तीन बजे से सभी तरह के लाउडस्पीकर, चुनावी रैलियों और जनसभाओं पर भी पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। हालांकि उम्मीदवार आचार संहिता के दायरे में रहकर घर-घर जाकर वोट मांग सकेंगे। आदेशों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव की नई सरकार चुनने के लिए ग्रामीणों में भारी उत्साह
हिमाचल प्रदेश के गांवों में चुनावी हलचल तेज है और लोगों में भारी उत्साह नजर आ रहा है। इस बार सूबे की कुल 3754 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। ग्रामीण जनता प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधियों का चुनाव करेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 31,182 विभिन्न पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के लिए कुल 70,224 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सौ से ज्यादा पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं और हजारों पद भरे
दिलचस्प बात यह है कि मतदान से पहले ही कई इलाकों में चुनावी मुकाबला पूरी तरह खत्म हो चुका है। प्रदेश की 131 ग्राम पंचायतें इस बार पूरी तरह निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के 10,854 प्रत्याशी भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं।
निर्विरोध चुने गए प्रतिनिधियों में सबसे ज्यादा 10,307 पंचायत वार्ड सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा 286 उपप्रधान, 176 प्रधान और 85 पंचायत समिति सदस्य भी बिना मुकाबले जीत चुके हैं। बाकी बचे पदों के लिए आगामी 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में वोट डाले जाएंगे।
Author: Sunita Gupta

